सरकारी योजना का लालच देकर फर्जी अकांउट खुलवाने के मामले में मुख्य आरोपी को मुंबई एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार

सरकारी योजना का लालच देकर फर्जी अकांउट खुलवाने के मामले में मुख्य आरोपी को मुंबई एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार

सरकारी योजना का लालच देकर फर्जी अकांउट खुलवाने के मामले में मुख्य आरोपी को मुंबई एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार

जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में  पुलिस द्वारा फर्जी खाते खुलवारी करने वाले मामले के बाधित मुख्य अभियुक्त मृगांक पिता अनिल कुमार मिश्रा निवासी वियम अपार्टमेन्ट मित्र निवास कॉलोनी रतलाम मप्र हाल मुम्बई फलेट नम्बर 703 आक्टा केस्ट बिल्डींग लोखण्डवाला कॉन्दीवली ईस्ट मुम्बई हाल दुबई को मुम्बई एयरपोर्ट से डिटेन किया गया जिसे  न्यायालय के समक्ष पेष किया जाकर  21 अक्तुम्बर  तक पीसी रिमांड प्राप्त किया गया। अभियुक्त थाना प्रतापगढ़ में सरकारी योजना का लालच देकर फर्जी अकाउट खुलवाने और उन अकाउंट का उपयोग सट्टेबाजी के पैसे को डलवाने के मामले में वांछित था। इस प्रकरण में पूर्व में 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था। प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा परिवादी की रिपोर्ट पर कार्यवाही करते हुए 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और उनके द्वारा खुलवाये गये खातों को डेबिट फिज कर 3.86.28.178 रूपये की संदिग्ध सपि को होल्ड करवाया गया। जिन खातों में लगभग 2000 करोड़ रुपये के लेन देन होना सामने आया है।
परिवादी द्वारा पंथ की गई एक रिपोर्ट में बताया गया की सरकारी योजना के तहत पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक में खाते खुलवाये गये और उन्हें बताया गया कि इन खातों में सरकारी योजना के तहत पैसे डलवाये जायेंगे और उनके नाम से सिम कार्ड भी जारी करवाये गये। जिसके बाद बैंक कर्मचारी द्वारा उनको बताया गया कि उनके खातों में ज्यादा ट्रांजेक्सन हो रहे है। जिसके बारे में परिवादी को कुछ पता नहीं था। इस रिपोर्ट पर थाना प्रतापगढ में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।जिसमें अनुसंधान के लिये एक विशेष टीम का गठन किया गया साईबर टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये इन खातों को संदिग्ध मानते हुये डेबिट फिज करवाया गया तथा इन खातों से जुड़े सभी खाते जिनमे सदिया राधे को ट्रांसफर किया गया था। ऐसे 30 से ज्यादा खातों का अब तक पता लगाया जा चुका है। जिनमें इन खातों से रापि ट्रासंफर की गई है। जब इन खातों का विश्लेषण किया गया तो ये रकम आईपीएल सट्टे अन्य संदिग्ध कार्यों से जमा गई है। इन सभी खातों को डेबिट फिज करवा कर अभी तक 3,88,29,178 रूपये की संदिग्ध रकम होल्ड करवायी गयी। फर्जी खाते खुलवाने वाले अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया गया। जिनके पास से 20 से ज्यादा डेबिट, क्रेडिट कार्ड जब्त किये गये।इस प्रकरण की सुचना ईडी (प्रवर्तन निर्देवालय भारत सरकार) को भी दी गई। इस प्रकरण में वांछित मुख्य आरोपी मृगांक मिश्रा जो रतलाम मध्यप्रदेष का रहने वाला है जो वर्तमान में दुबई में छिपा हुआ था। जी महादेव ऑनलाईन ग्रुप का संचालक है और दुबई से ही ये भारत में अपने साथियों के साथ ऑनलाईन सट्टेबाजी का कार्य करता है जिसे भारत लाने के लिये लुकआउट नोटिस जारी करवाया गया। जिस पर एक विषेष टीम का गठन कर मुंबई एयरपोर्ट भेजा गया। प्रकरण में मुख्य अभियुक्त मृगांक हाल दुबई को मुंबई के छत्रपति शिवाजी एयरपोर्ट से डिटेन किया गया जिससे पुछताछ कर श्रीमान न्यायालय के समक्ष पेप कर  पीसी रिमांड प्राप्त किया गया। प्रकरण में अनुसंधान जारी है।