ईरान की नाक के नीचे फ्रांस-ब्रिटेन की नौसेना ने बिछाया जाल, पूर्व रॉ एजेंट का दावा- होने वाली है भयंकर तबाही

ईरान की नाक के नीचे फ्रांस-ब्रिटेन की नौसेना ने जाल बिछा दिया है। पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने दावा किया है कि फ्रांस-ब्रिटेन खुलकर अमेरिका के समर्थन में आ चुके हैं, साथ ही ईरान के समुद्र तट के पास अपनी नौसेना तैनात कर दी है। उन्होंने दावा किया फ्रांस की खतरनाक पनडुब्बी भी वहां मौजूद है।

ईरान की नाक के नीचे फ्रांस-ब्रिटेन की नौसेना ने बिछाया जाल, पूर्व रॉ एजेंट का दावा- होने वाली है भयंकर तबाही

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के नए परमाणु प्रस्ताव को 'कचरे का एक टुकड़ा' बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि युद्धविराम 'लाइफ सपोर्ट पर' है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के बाद पश्चिम एशिया में उत्पन्न हुए इस तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में पूर्व रॉ एजेंट ने इस युद्ध को लेकर चौंकाने वाले दावा किया है।

पूर्व रॉ एजेंट व एनएसजी कमांडो लकी बिष्ट ने मंगलवार को दावा किया है कि फ्रांस और ब्रिटेन अब खुलकर अमेरिका के साथ ईरान के खिलाफ युद्ध में उतर आए हैं। साथ ही ईरान पर नजर रखने के लिए साइप्रस में FIve Eyes ने अपना खुफिया इंटेजिजेंस बेस तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा, फ्रांस की मरीन नेशनेल नौसेना और ब्रिटेन की रॉयल नेवी अब ईरान के समुद्र तट के बेहद करीब पहुंच चुकी

ईरान के पास समुद्र में तैनात हुईं फ्रांस की पनडुब्बियां

लकी बिष्ट ने दावा किया कि फ्रांस की सबसे घातक सफ्रेन और परमाणु ताकत से लैस Le Triomphant पनडुब्बियां भी ईरान के पास समुद्र की गहराईयों में तैनात हो चुकी हैं, लेकिन उनकी सटीक लोकेशन फिलहाल किसी को नहीं पता है।

पूर्व रॉ के अनुसार, आने वाले कुछ सप्ताह काफी महत्वपूर्ण होने वाले हैं। क्योंकि कुछ हफ्तों में पूरी दुनिया को दो हिस्सों में डिवाइड करने वाला है।




ट्रंप ने ठुकराया ईरान का प्रस्ताव

  • वहीं दूसरी ओर व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि तेहरान की परमाणु वार्ता में दी गई नई प्रतिक्रिया 'पूरी तरह अस्वीकार्य' है। यह एक बेवकूफी भरा प्रस्ताव है।



  • ट्रंप ने बताया कि ईरान पहले इस बात पर सहमत हुआ था कि हाल ही में अमेरिकी सैन्य हमलों से क्षतिग्रस्त संवर्धन (एनरिचमेंट) सुविधाओं से 'परमाणु धूल' हटाने की अनुमति देगा, लेकिन बाद में उसने अपना रुख बदल दिया।



  • ट्रंप के अनुसार, बाद में ईरानी अधिकारी इस समझौते से पीछे हट गए क्योंकि वे इसे लिखित रूप में नहीं देना चाहते थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका की स्थिति वही है जो पहले थी। मेरा बहुत सीधा-सादा प्लान है: ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए, हम दुनिया की सेवा कर रहे हैं।



  • उन्होंने कहा क‍ि मैं कहूंगा कि युद्धविराम बहुत कमजोर हालत में है। जैसे डॉक्टर आए और कहे कि आपके मरीज के बचने की सिर्फ एक प्रत‍िशत संभावना है।

ईरान की नौसेना खत्म: डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप ने ईरान पर हाल के अमेरिकी सैन्य अभियानों की भी तारीफ की और कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की क्षमता को बहुत नुकसान पहुंचाया है। उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है। उनके पास कोई वायुसेना नहीं है। उनके पास कोई एंटी-एयरक्राफ्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पायलटों ने हमलों के दौरान बहुत खतरनाक मिशन पूरे किए। उन सभी बमों ने ठीक निशाने पर जाकर काम किया और ग्रेनाइट पहाड़ के अंदर जाकर विस्फोट किया।