तेल, LPG, फर्टिलाइजर... होर्मुज में फंसा भारत तो दुनिया के ये 4 दोस्त बने तारणहार, भर-भरकर आने लगे जहाज
India LPG LNG Oil Fertiliser Crisis: ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट से भारत में चल रहे तेल, गैस और उर्वरक संकट से निपटने में दुनिया के कई देश सामने आ रहे हैं। भारत ने एलपीजी गैस लेकर तेल की आपूर्ति की रफ्तार बढ़ा दी है। इसके लिए अब पश्चिम एशिया पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है।
ब्यूनस आयर्स/मास्को/वॉशिंगटन: ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद फारस की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट बंद है जिससे भारत में तेल, एलपीजी और एलएनजी गैस की भारी किल्लत हो गई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कई जगहों पर बारुदी सुरंगे लगा दी हैं जिससे तेल टैंकर उधर से गुजरने से बच रहे हैं। ईरान ने अपने तटीय इलाके में एक संकरा रास्ता छोड़ रखा है जिससे भारत, चीन, पाकिस्तान समेत दुनिया के कुछ देशों के जहाज बहुत कम संख्या में निकल रहे हैं। ईरान अब इस इलाके में टोल लगाने की तैयारी कर रहा है। वहीं अमेरिका ने होर्मुज का खुलवाने के लिए चीन, जापान समेत दुनिया के कई देशों से नौसेना भेजने की गुहार लगाई लेकिन किसी ने उसका साथ नहीं दिया है। इस बीच अमेरिका अब अपने सैनिकों को बड़े पैमाने पर जमा कर रहा है ताकि ईरान पर जोरदार हमला करके उसे होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए मजबूर किया जा सके।
होर्मुज संकट के बीच भारत ने पश्चिम एशिया में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले की कड़ी निंदा की है। भारत ने कहा है कि यह 'अस्वीकार्य' है। भारत ने कहा है कि इस हमले की वजह से भारत में एलएनजी की भारी कमी हो गई है। इसके अलावा एलपीजी गैस, तेल और उर्वरकों की कमी से भारतीय जनता बुरी तरह से परेशान है। भारत में यूरिया बनाने के लिए एलएनजी गैस की बड़े पैमाने पर जरूरत है जो कतर से आती है। हाल ही में ईरान ने कतर पर बड़ा हमला किया है जिसमें उसे भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। यही वजह है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए दुनिया के कई देशों से मदद लेनी शुरू कर दी है। इस महासंकट की घड़ी में दुनिया के 4 देश भारत की मदद के लिए आगे आए हैं....
रूस
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत रूस से जमकर तेल खरीद रहा है। अमेरिका के टैरिफ लगाने के बाद भारत ने इसे लेना कम किया था लेकिन अब फिर से इसकी खरीद तेज हो गई है। चीन को जा रहे रूसी तेल टैंकर पर भारत की ओर मुंह मोड़ चुके हैं। हालांकि रूस पहले भारत को डिस्काउंट दे रहा था लेकिन अब उसने इसे बंद कर दिया है। इसके बाद भी भारत को प्राथमिकता के आधार पर तेल की सप्लाई की जा रही है। इसके अलावा भारत रूस से बड़े पैमाने पर फर्टिलाइजर ले रहा है जिसकी ईरान युद्ध की वजह से भारी कमी हो गई है। रूस से बड़े पैमाने पर तेल टैंकर और फर्टिलाइजर से भरे जहाज भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने लगेंगे।
जॉर्डन
ईरान के हमलों को विफल करने में जुटा खाड़ी का प्रभावशाली मुस्लिम देश जॉर्डन अब भारत की मदद कर रहा है। जॉर्डन भारत को फर्टिलाइजर दे रहा है। पीएम मोदी ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह II से गुरुवार को बात की थी। पीएम मोदी ने जॉर्डन के किंग से पश्चिम एशिया के ऊर्जा आधारभूत ढांचे पर हमले के बारे में विचार विमर्श किया था। पीएम मोदी ने कहा कि यह हमला निंदनीय है और कहा कि इससे तनाव और भड़केगा। पीएम मोदी ने कहा था कि ऊर्जा और सामनों के बिना किसी रुकावट के आने-जाने का दोनों देश समर्थन करते हैं। भारत उर्वरक मोरक्को, ट्यूनिशिया और सऊदी अरब से भी मंगा रहा है।
आर्जेंटीना
होर्मुज संकट को देखते हुए भारत ने पहली बार लैटिन अमेरिकी देश आर्जेंटीना से मदद ली है। भारत ने एक एलपीजी गैस का कार्गो बुक किया है। इस शिपमेंट में 19486 टन एलपीजी भारत को मिलेगा। यह एलपीजी मार्च महीने के अंत तक भारत पहुंच जाएगा। बता दें कि भारत की एलपीजी की सप्लाई ईरान युद्ध की वजह से काफी कम हो गई है। भारत के 11 टैंकर 192734 टन एलपीजी लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंस गए थे। इनमें से दो एलपीजी टैंकर और एक तेल टैंकर ही अभी वहां से ईरान की अनुमति के बाद निकल पाया है।
अमेरिका
ईरान में जंग को अमेरिका और इजरायल ने शुरू किया है। अब संकट की इस घड़ी में अमेरिका ने भारत तेल और एलपीजी गैस को लेकर भारत को आपूर्ति तेज कर दी है। भारत ने अमेरिका से 13 टैंकर एलपीजी गैस खरीदा है जो करीब 3 लाख 50 हजार टन है। ये सारा एलपीजी गैस भारत की ओर रवाना हो गया है। अभी तक भारत का 90 फीसदी एलपीजी गैस खाड़ी देशों से आता था। अमेरिका से 4 टैंकर एलपीजी लेकर अगले सप्ताह तक पहुंच जाएंगे। बाकी 5 टैंकर अप्रैल महीने के अंत तक भारत पहुंच जाएंगे। इसके अलावा अमेरिका भारत को बड़े पैमाने पर तेल भी निर्यात कर रहा है।
ब्यूनस आयर्स/मास्को/वॉशिंगटन: ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद फारस की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट बंद है जिससे भारत में तेल, एलपीजी और एलएनजी गैस की भारी किल्लत हो गई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कई जगहों पर बारुदी सुरंगे लगा दी हैं जिससे तेल टैंकर उधर से गुजरने से बच रहे हैं। ईरान ने अपने तटीय इलाके में एक संकरा रास्ता छोड़ रखा है जिससे भारत, चीन, पाकिस्तान समेत दुनिया के कुछ देशों के जहाज बहुत कम संख्या में निकल रहे हैं। ईरान अब इस इलाके में टोल लगाने की तैयारी कर रहा है। वहीं अमेरिका ने होर्मुज का खुलवाने के लिए चीन, जापान समेत दुनिया के कई देशों से नौसेना भेजने की गुहार लगाई लेकिन किसी ने उसका साथ नहीं दिया है। इस बीच अमेरिका अब अपने सैनिकों को बड़े पैमाने पर जमा कर रहा है ताकि ईरान पर जोरदार हमला करके उसे होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए मजबूर किया जा सके।
होर्मुज संकट के बीच भारत ने पश्चिम एशिया में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले की कड़ी निंदा की है। भारत ने कहा है कि यह 'अस्वीकार्य' है। भारत ने कहा है कि इस हमले की वजह से भारत में एलएनजी की भारी कमी हो गई है। इसके अलावा एलपीजी गैस, तेल और उर्वरकों की कमी से भारतीय जनता बुरी तरह से परेशान है। भारत में यूरिया बनाने के लिए एलएनजी गैस की बड़े पैमाने पर जरूरत है जो कतर से आती है। हाल ही में ईरान ने कतर पर बड़ा हमला किया है जिसमें उसे भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। यही वजह है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए दुनिया के कई देशों से मदद लेनी शुरू कर दी है। इस महासंकट की घड़ी में दुनिया के 4 देश भारत की मदद के लिए आगे आए हैं....
रूस
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत रूस से जमकर तेल खरीद रहा है। अमेरिका के टैरिफ लगाने के बाद भारत ने इसे लेना कम किया था लेकिन अब फिर से इसकी खरीद तेज हो गई है। चीन को जा रहे रूसी तेल टैंकर पर भारत की ओर मुंह मोड़ चुके हैं। हालांकि रूस पहले भारत को डिस्काउंट दे रहा था लेकिन अब उसने इसे बंद कर दिया है। इसके बाद भी भारत को प्राथमिकता के आधार पर तेल की सप्लाई की जा रही है। इसके अलावा भारत रूस से बड़े पैमाने पर फर्टिलाइजर ले रहा है जिसकी ईरान युद्ध की वजह से भारी कमी हो गई है। रूस से बड़े पैमाने पर तेल टैंकर और फर्टिलाइजर से भरे जहाज भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने लगेंगे।
जॉर्डन
ईरान के हमलों को विफल करने में जुटा खाड़ी का प्रभावशाली मुस्लिम देश जॉर्डन अब भारत की मदद कर रहा है। जॉर्डन भारत को फर्टिलाइजर दे रहा है। पीएम मोदी ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह II से गुरुवार को बात की थी। पीएम मोदी ने जॉर्डन के किंग से पश्चिम एशिया के ऊर्जा आधारभूत ढांचे पर हमले के बारे में विचार विमर्श किया था। पीएम मोदी ने कहा कि यह हमला निंदनीय है और कहा कि इससे तनाव और भड़केगा। पीएम मोदी ने कहा था कि ऊर्जा और सामनों के बिना किसी रुकावट के आने-जाने का दोनों देश समर्थन करते हैं। भारत उर्वरक मोरक्को, ट्यूनिशिया और सऊदी अरब से भी मंगा रहा है।
आर्जेंटीना
होर्मुज संकट को देखते हुए भारत ने पहली बार लैटिन अमेरिकी देश आर्जेंटीना से मदद ली है। भारत ने एक एलपीजी गैस का कार्गो बुक किया है। इस शिपमेंट में 19486 टन एलपीजी भारत को मिलेगा। यह एलपीजी मार्च महीने के अंत तक भारत पहुंच जाएगा। बता दें कि भारत की एलपीजी की सप्लाई ईरान युद्ध की वजह से काफी कम हो गई है। भारत के 11 टैंकर 192734 टन एलपीजी लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंस गए थे। इनमें से दो एलपीजी टैंकर और एक तेल टैंकर ही अभी वहां से ईरान की अनुमति के बाद निकल पाया है।
अमेरिका
ईरान में जंग को अमेरिका और इजरायल ने शुरू किया है। अब संकट की इस घड़ी में अमेरिका ने भारत तेल और एलपीजी गैस को लेकर भारत को आपूर्ति तेज कर दी है। भारत ने अमेरिका से 13 टैंकर एलपीजी गैस खरीदा है जो करीब 3 लाख 50 हजार टन है। ये सारा एलपीजी गैस भारत की ओर रवाना हो गया है। अभी तक भारत का 90 फीसदी एलपीजी गैस खाड़ी देशों से आता था। अमेरिका से 4 टैंकर एलपीजी लेकर अगले सप्ताह तक पहुंच जाएंगे। बाकी 5 टैंकर अप्रैल महीने के अंत तक भारत पहुंच जाएंगे। इसके अलावा अमेरिका भारत को बड़े पैमाने पर तेल भी निर्यात कर रहा है।

