NEET 2026: नीट पेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन, जयपुर से मनीष और अविनाश हिरासत में, अब खुलेंगे पेपर लीक के राज!
NEET Paper Leak Case: नीट पेपर लीक मामले में जयपुर से मनीष यादव और अविनाश लांबा को हिरासत में लिया गया है। बता दें कि NTA ने परीक्षा रद्द कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया।
जयपुर: देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को लेकर मंगलवार को वह फैसला आया, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने लाखों छात्रों के भविष्य और परीक्षा की सुचिता को ध्यान में रखते हुए NEET 2026 परीक्षा को रद्द करने का ऐतिहासिक ऐलान किया है। इस मामले में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप ने जयपुर से दो संदिग्धों मनीष यादव और अविनाश लांबा को हिरासत में लिया है।
मनीष और अविनाश की हिरासत ने बढ़ाई हलचल
जयपुर से मनीष यादव और अविनाश लांबा की हिरासत इस पूरे मामले में 'टर्निंग पॉइंट' साबित हुई है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इन दोनों की भूमिका उस नेटवर्क को फैलाने में रही है, जिसने परीक्षा से पहले ही 'क्वेश्चन बैंक' के नाम पर पेपर की सामग्री लीक की थी। हिरासत में लिए गए इन युवकों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। SOG अब इस बात की तह तक जा रही है कि यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके तार और किन शहरों से जुड़े हैं।
150 पेज का 'गेस पेप' और 120 हूबहू सवाल
SOG के एडिशनल डायरेक्टर जनरल विशाल बंसल ने इस मामले में तकनीकी और आपराधिक पहलुओं पर रोशनी डाली है। जांच में सामने आया है कि परीक्षा से करीब 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक 150 पन्नों का एक 'गेस पेपर' छात्रों के बीच तेजी से सर्कुलेट हो रहा था।
रद्द हुई नीट परीक्षा, अब 'री-नीट' की तैयारी
NTA ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों से मिले इनपुट और सबूतों को देखते हुए इस परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना संभव नहीं था। छात्रों के हितों की रक्षा के लिए इसे निरस्त करना ही एकमात्र विकल्प बचा था। दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों को नया फॉर्म नहीं भरना होगा। पुरानी जमा फीस वापस की जाएगी या उसी पर परीक्षा होगी। अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। पिछला आवेदन, एडमिट कार्ड विवरण और परीक्षा केंद्र की जानकारी ही अगले चरण के लिए मान्य रहेगी।
छात्रों में जगी इंसाफ की उम्मीद
सालों तक दिन-रात एक करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह खबर मिली-जुली प्रतिक्रिया लेकर आई है। जहां एक ओर परीक्षा रद्द होने से तनाव बढ़ा है, वहीं मनीष और अविनाश की हिरासत और NTA के सख्त रुख ने यह उम्मीद जगाई है कि अब केवल योग्य छात्रों को ही मेडिकल कॉलेजों में सीट मिलेगी। देश की निगाहें अब SOG की अंतिम रिपोर्ट और NTA की ओर से घोषित होने वाली नई परीक्षा तिथि पर टिकी हैं।

