मौसम की बेरूखी से आमजनमानश परेशान, किसान की चिंता बढ़ी, कैसे हो पाएंगे कर्ज मुक्त
मौसम की बेरूखी से आमजनमानश परेशान, किसान की चिंता बढ़ी, कैसे हो पाएंगे कर्ज मुक्त
बलरामपुर --जिले में मौसम की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों से पानी सूखने व बड़ी -बड़ी दरार पडने प्रारंभ हो गए हैं। जिससे किसानों की माथो पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी है, बारिश न होने और आसमान से आग बरसने से खेती किसानी पर प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देने लगा है। बरसात के दिनों में जेठ जैसी गर्मी से धान की फसल झुलस रही है मक्का की फसल भी चौपट होती दिख रही है,तो वही उमस भरी गर्मी से लोग अत्यधिक परेशान हो रहे हैं। यदि ऐसा ही मौसम की बेरुखी रहा तो निश्चित ही अकाल की स्थिति बन जाएगी जिसको लेकर किसान लोग मायूस और परेशान हैं।
भादो का महिनों हो गया है। लेकिन भादो के महीने में जेठ-बैसाख जेसी चिलचिलाती धूप और उससे होने वाली तपन-उमस से सभी वर्ग के लोग परेशान है। लगभग दो सप्ताह से बारिश नहीं हुई है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश नहीं होने से उमश काफी बढ़ गई है। उमश अधिक होने के कारण गर्मी भी अधिक लग रही है। पिछले दो सप्ताह से उमश भरी गर्मी से लोग परेशान है। भादो का महिना शुरू होते ही गर्मी ने अपना तेवर दिखारा शुरू कर दिया है। गर्मी अधिक होने की वजह से कुलर और एसी चलना फिर से शुरू हो गए है। सड़क पर गुजरने वाला हर एक सख्शसिर में गमछा-टोपी तो आंखों को काले चश्मों से ढंगकर चल रहे है। वही, पिछले 15 दीन से बारिश नहीं होने की वजह से खेत भी सुखने लगे है। इससे किसान वर्ग काफी चिंतित नजर आ रहे है। सुबह से निकलने वाला सूरज दिनभर लोगों को गर्मी, उमस और तपन दे रहा है। इससे जीना मुहाल हो रहा है। लोगों को उम्मीद थी कि जाते-जाते सावन तरबतर करेंगे, लेकिन हुआ इसके उलट। सावन के जाते ही भादो ने तेज गर्मी और उमश ने काफी परेशान कर दिया है। इसके बाद कुंवार का महीना भी स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से ठीक नहीं रहता है। इस महीने पड़ने वाली गर्मी भी लोगों को परेशान करेगी। बढ़ते गर्मी की वजह से कई तरह के बीमारियों भी पड़ने लगें गे। किसान व आम जनमानस बारिश का इंतजार कर रहे है, जिससे उनको काफी हद तक राहत मिल सके।

