भरत तिवारी को इंसाफ दो' Rupali Ganguly ने खोला मोर्चा, कहा- एनकाउंटर की जांच हो, मां ने अपना बेटा खोया
बिहार में भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई संदिग्ध मौत पर हर तरफ गुस्सा है। इंसाफ की मांग के बीच सुप्रीम कोर्ट में 'फर्जी एनकाउंटर' को लेकर याचिका दायर हुई है। इस बीच एक्ट्रेस रुपाली गांगुली ने भी न्याय की मांग करते हुए एक लंबा चौड़ा पोस्ट किया है।
बिहार के भोजपुर जिले में सामाजिक कार्यकर्ता भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में संदिग्ध मौत ने राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश को सकते में डाल दिया है। सवाल शासन-प्रशासन पर उठ रहे हैं। पीड़ित परिवार और गांव के लोग जहां इसे 'फेक एनकाउंटर' बता रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर भी न्याय की मांग के लिए आवाज उठ रही है। इस बीच टीवी की दिग्गज एक्ट्रेस और 'अनुपमा' फेम रुपाली गांगुली ने भी भरत तिवारी के लिए इंसाफ मांगा है। 49 साल की रुपाली ने X पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट किया है। सीधे-साधे सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों पर निशाना साधा है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यही नहीं, रुपाली ने यह भी कहा है कि किसी और को दूसरा भरत तिवारी बनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।
भरत तिवारी का पूरा नाम भरत भूषण तिवारी था, वह बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के एक युवा सामाजिक कार्यकर्ता थे। बीते 17 जून को पुलिस मुठभेड़ में उनकी संदिग्ध मौत ने राजनीतिक और आम जनता के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। भरत महज 28 साल के थे और सोशल मीडिया के जरिए बाढ़ और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे स्थानीय समस्याओं के खिलाफ मुखर रहते थे।
भरत तिवारी मामले की दुखद घटना ऐसे सवाल खड़े करती है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भरत और उनके गांव के लोगों की अनदेखी करने या उनके साथ बुरा बर्ताव करने वाले हर अधिकारी की जांच होनी चाहिए। किसी भी नागरिक को कभी भी ऐसी स्थिति में नहीं धकेला जाना चाहिए, जहां उसे लगे कि उसके पास कोई और रास्ता नहीं बचा है।
रुपाली गांगुली, एक्ट्रेस
रुपाली गांगुली बोलीं- बुरा बर्ताव करने वाले हर अधिकारी की जांच हो
रुपाली गांगुली ने अपने X पोस्ट में लिखा है, 'भरत तिवारी मामले की दुखद घटना ऐसे सवाल खड़े करती है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भरत और उनके गांव के लोगों को नजरअंदाज करने, उनकी अनदेखी करने या उनके साथ बुरा बर्ताव करने वाले हर अधिकारी की जांच होनी चाहिए। देशभर में यह कड़ा संदेश जाना चाहिए कि किसी भी नागरिक को कभी भी ऐसी स्थिति में नहीं धकेला जाना चाहिए, जहां उसे लगे कि उसके पास कोई और रास्ता नहीं बचा है।'
Bharat Tiwari Encounter: इन पुलिसवालों ने, लकी बिष्ट ने बताया भरत तिवारी एनकाउंटर का सच!
भरत तिवारी केस पर रुपाली गांगुली का पोस्ट
'सिस्टम में लोगों का भरोसा न तोड़ें'
'साराभाई वर्सेस साराभाई' से पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस ने आगे लिखा, 'जब कोई सरकारी कर्मचारी किसी आम नागरिक की बात को खारिज करता है या उसका अपमान करता है - खासकर तब जब उनकी जायज चिंताओं को बार-बार नजरअंदाज किया गया हो, तो इसका असर सिर्फ उस एक घटना तक सीमित नहीं रहता। यह इंसान का हौसला तोड़ सकता है। सरकारी कर्मचारी इसलिए होते हैं ताकि वे सिस्टम में लोगों का भरोसा मजबूत करें न कि उनका भरोसा तोड़ें।'
अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। किसी और नागरिक को दूसरा भरत तिवारी बनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना चाहिए और किसी देश को अपना ही कोई नागरिक नहीं खोना चाहिए।
रुपाली गांगुली, एक्ट्रेस
'दूसरा भरत तिवारी बनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए'
PM मोदी की समर्थक और भारतीय जनता पार्टी की सदस्य रुपाली गांगुली ने आखिर में लिखा है, 'भरत तिवारी के एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। किसी और नागरिक को दूसरा भरत तिवारी बनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना चाहिए और किसी देश को अपना ही कोई नागरिक नहीं खोना चाहिए। भरत तिवारी को न्याय मिले।'
भरत तिवारी एनकाउंटर मामला क्या है
भरत भूषण तिवारी की उम्र 28 साल थी। वह बिलौटी गांव की समस्याओं को अक्सर सोशल मीडिया पर लाइव आकर दुनिया के सामने लाते थे। उन्होंने बाढ़ की समस्या और प्रशासन की अपर्याप्त कार्रवाई पर कई बार शासन-प्रशासन को घेरा था। हालांकि, इसी महीने जून 2026 के बीच में उनके कुछ वीडियो और पोस्ट वायरल हुए, जिनमें वह कथित तौर पर हथियार लहराते और प्रशासन को चुनौती देते दिखे थे। 17 जून को इसी मामले में पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने गई थी, लेकिन मुठभेड़ में भरत को गोली लगी, जिसके बाद अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।
- पुलिस का दावा: 17 जून को शाहपुर पुलिस और STF की टीम भरत तिवारी को गिरफ्तार करने गई थी। पुलिस का दावा है कि भरत के पास अवैध हथियार था और उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस मुठभेड़ में भरत गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में पटना के अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
- परिवार और ग्रामीणों के आरोप: दूसरी ओर, परिजनों और गांव वालों का दावा है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपनी पिस्टल फेंक दी थी। उनका आरोप है कि भरत तिवारी के हथियार डालने के बाद भी पुलिस ने निहत्थे अवस्था में उसे गोली मारी।
- कार्रवाई और जांच: भरत तिवारी के मौत पर विवाद बढ़ता देख बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसकी अध्यक्षता रिटायर्ड हाईकोर्ट जज करेंगे। मामले में एक्शन लेते हुए आरोपी SHO समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है।
- 'फर्जी एनकाउंटर' को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका: भरत तिवारी मामले को 'फर्जी एनकाउंटर' बताया जा रहा है और इसके निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है। इसमें एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने और यहां तक कि CBI जांच की भी मांग की गई है।
poonampal

