ऑपरेशन सिंदूर के बाद 'सुपर पावर' भारत के आगे पाकिस्‍तान नतमस्‍तक, इंडिया की एक चीज के बिना नहीं चल रहा काम

Pakistan India Trade: अरब न्यूज ने स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया है कि पाकिस्तान ने जुलाई-सितंबर 2025 में भारत से 36.6 मिलियन डॉलर का आयात किया जिसमें लगभग पूरी तरह से मानवीय छूट के तहत फार्मास्यूटिकल कच्चा माल शामिल था।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद 'सुपर पावर' भारत के आगे पाकिस्‍तान नतमस्‍तक, इंडिया की एक चीज के बिना नहीं चल रहा काम

इस्लामाबाद: पिछले साल संघर्ष के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सीधा कारोबार करीब करीब शून्य हो गया है। अटारी-वाघा बॉर्डर बंद है, भारतीय एयरलाइंस के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद है, सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया है और द्विपक्षीय व्यापार जो 2018 में 2.41 अरब डॉलर से गिरकर 2024 तक 1.2 अरब डॉलर पर आ गया था वो अब लगभग शून्य पर पहुंच गया है। भारत ने पाकिस्तान से आयात करीब करीब शून्य कर दिया है लेकिन पाकिस्तान अभी भी दवाएं और दवा बनाने का कच्चा सामान मंगाने पर मजबूर है।

Pakistan
भारत से सीधे तौर पर अभी भी करीब 36 मिलियन डॉलर का दवा बनाने का सामान खरीद रहा है जबकि अप्रत्यक्ष तौर पर सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते उसने करीब 10 अरब डॉलर के दवाएं खरीदी हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने अटारी बॉर्डर पर ताला लगा दिया जो दोनों देशों के बीच कारोबार का इकलौता जमीनी रास्ता था। इसके बाद पिछले साल 2 मई को भारत ने विदेश व्यापार महानिदेशालय के जरिए पाकिस्तान से सामानों के आयात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया।

 

भारत और पाकिस्तान में सीधा कारोबार शून्य

अल जज़ीरा के मुताबिक द्विपक्षीय व्यापार में पहले ही भारी गिरावट आ चुकी थी। 2018 में 2.41 अरब डॉलर से 2024 में यह 1.2 अरब डॉलर रह गया था। भारत को होने वाला पाकिस्तानी निर्यात 2019 के 547.5 मिलियन डॉलर से से गिरकर 2024 में महज 480,000 डॉलर रह गया था। 'बिज़नेस टुडे' के मुताबिक अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक, जो प्रतिबंध लगने से पहले का आखिरी पूरा कालखंड था भारत ने पाकिस्तान को 447.65 मिलियन डॉलर का निर्यात किया जबकि भारत को होने वाला पाकिस्तान का निर्यात सिर्फ 0.42 मिलियन डॉलर था।




भारत से दवाएं खरीदने पर मजबूर पाकिस्तान

औपचारिक प्रतिबंध के बावजूद कुछ व्यापारिक प्रवाह अभी भी जारी हैं। अरब न्यूज ने स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया है कि पाकिस्तान ने जुलाई-सितंबर 2025 में भारत से 36.6 मिलियन डॉलर का आयात किया जिसमें लगभग पूरी तरह से मानवीय छूट के तहत फार्मास्यूटिकल कच्चा माल शामिल था। बिजनेस टुडे के अनुसार UAE और सिंगापुर जैसे तीसरे देशों के रास्ते होने वाले अनौपचारिक व्यापार का अनुमान 10 अरब डॉलर लगाया गया है हालांकि दोनों पक्ष इसे रोकने के प्रयास कर रहे हैं।




पाकिस्तान की इकोनॉमी पर क्या असर हुआ?

पाकिस्तान के फ़ार्मास्यूटिकल्स पर भारत से कारोबार बंद होने का सबसे गंभीर असर पड़ा है। अल जज़ीरा के मुताबिक फॉर्मास्यूटिकल उत्पाद पाकिस्तान की तरफ से भारत से किए जाने वाले मुख्य आयात हैं। रॉयटर्स के मार्केट रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2025 तक भारत से पाकिस्तान को होने वाला फ़ार्मास्यूटिकल निर्यात लगभग 208 मिलियन डॉलर था। इस प्रतिबंध के लागू होने के बाद पाकिस्तान के फ़ार्मा उद्योग को एक्टिव फ़ार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स और तैयार फ़ॉर्मूलेशन के लिए दूसरे सप्लायर्स की तलाश करनी पड़ी है और दूसरे बाजारों से सामान खरीदना इन्हें काफी महंगा पड़ रहा है जिससे उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है।



अरब न्यूज़ ने स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया है कि जुलाई-सितंबर 2025 के दौरान पाकिस्तान ने भारत से $36.6 मिलियन का सामान आयात किया। इसमें लगभग पूरी तरह से दवाइयों का कच्चा माल शामिल था जिसे विशेष अनुमति के तहत मंगाया गया था। यह आंकड़ा प्रतिबंध से पहले के वार्षिक आयात स्तर से काफी कम है जो कई सौ मिलियन डॉलर का हुआ करता था। बिजनेस टुडे के मुताबिक दवाइयों के अलावा पाकिस्तान के इस प्रतिबंध ने उसके रसायन, खाद्य और औद्योगिक सामानों के क्षेत्रों को भी प्रभावित किया है। ये क्षेत्र भारत से आने वाले कच्चे माल पर निर्भर था जिसमें कपास, खाने योग्य सब्जियां, स्टील और सीमेंट शामिल हैं।