नवनेरा बैराज से कोटा-बूंदी के साढ़े चार लाख लोगों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल, ERCP परियोजना के चार पैकेजों पर जल्द शुरू होगा काम
ERCP की नवनेरा पेयजल परियोजना से कोटा और बूंदी जिले के 4.52 लाख लोगों को साफ पानी मिलेगा। परियोजना के चार पैकेजों पर तेजी से काम शुरू होने जा रहा है।
नवनेरा पेयजल परियोजना से कोटा और बूंदी जिले के 4.52 लाख लोगों को साफ पानी मिलेगा।
कोटा: ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) के तहत कोटा जिले में कालीसिंध नदी पर तैयार नवनेरा बैराज अब क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होने जा रहा है। यह विशाल पेयजल परियोजना कोटा और बूंदी जिले के कुल 1.13 लाख परिवारों यानी करीब 4.52 लाख लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएगी। रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कैंप कार्यालय में परियोजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए बताया कि नवनेरा पेयजल परियोजना के लिए 1149 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं।
749 गांव और 6 कस्बों तक पहुंचेगा पेयजल
बिरला ने कहा कि "हर घर नल से जल" के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में यह परियोजना एक बड़ा कदम है। इसके माध्यम से कोटा-बूंदी के 749 गांवों और 6 कस्बों में पहली बार सुनिश्चित और साफ पानी लोगों के घरों तक पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि जलदाय विभाग ने चारों पैकेजों पर कार्य तेजी से शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है।
चार पैकेजों में तैयार होगी पूरी परियोजना
यह परियोजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत वर्ष 2021 में 1661.14 करोड़ रुपये में स्वीकृत की गई थी। लक्ष्य है कि अगस्त 2027 तक परियोजना पूरी कर दी जाए।
- पैकेज-1: इन्टेक वेल, राइजिंग मेन पाइपलाइन और तीन जल शोधन संयंत्र
- पैकेज-2: इटावा ब्लॉक के लिए ट्रांसमिशन मुख्य पाइपलाइन, पंप हाउस और वितरण व्यवस्था
- पैकेज-3: सुल्तानपुर और लाडपुरा ब्लॉक के लिए पाइपलाइन व पंप हाउस
- पैकेज-4: बूंदी जिले के 365 गांवों और नैनवा, तालेड़ा, केशवरायपाटन ब्लॉकों में पेयजल आपूर्ति
पेयजल संकट का स्थाई समाधान
परियोजना के पूर्ण होने पर कोटा जिले के इटावा, सुल्तानपुर और कैथून सहित 384 गांवों व तीन कस्बों तथा बूंदी जिले के 365 गांवों और कापरेन, लाखेरी व केशवरायपाटन सहित कई कस्बों को स्थाई पेयजल सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जल समस्या का समाधान होगा। इससे पहले 2022 और 2023 में इस परियोजना की निविदाएं अधिक दरों के कारण निरस्त हो गई थीं, लेकिन तीसरी बार चार पैकेजों में बांटकर दोबारा आमंत्रित की गई निविदाएं सफल रहीं।
समयसीमा और गुणवत्ता पर होगा कड़ा जोर
बिरला ने विभागीय इंजीनियरों को निर्देश दिया कि निर्माण की हर इकाई-पाइपलाइन बिछाने से लेकर शोधन संयंत्रों तक-सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार और तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजना की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी चरणों की नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

