Train Chain Pulling: कोई नहीं बचा पाएगा! ट्रेन की चेन खींचने वाले हो जाएं सावधान, 1483 लोग गिरफ्तार

अलार्म चेन की सुविधा केवल आग लगने, मेडिकल इमरजेंसी, आपराधिक घटना या चढ़ते-उतरते समय हुए हादसे जैसी गंभीर परिस्थितियों के लिए है। हालांकि, यात्री अक्सर देर से आने या बीच रास्ते में उतरने के लिए चेन खींच देते हैं। इससे न केवल वह ट्रेन लेट होती है, बल्कि उसके पीछे आने वाली एक्सप्रेस और उपनगरीय ट्रेनों का पूरा शेड्यूल बिगड़ जाता है, जिससे हजारों यात्री परेशान होते हैं।

Train Chain Pulling: कोई नहीं बचा पाएगा! ट्रेन की चेन खींचने वाले हो जाएं सावधान, 1483 लोग गिरफ्तार

नई दिल्ली: उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में इस साल ट्रेन की चेन खींचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही अब तक 1483 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में यह संख्या 5180 थी। रेलवे ने चेतावनी दी है कि अलार्म चेन पुलिंग (ACP) का दुरुपयोग करने पर रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत एक साल की जेल, 1000 रुपये जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।


सिर्फ इमरजेंसी में कर सकते हैं इस्तेमाल

रेलवे के अनुसार, अलार्म चेन की सुविधा केवल आग लगने, मेडिकल इमरजेंसी, आपराधिक घटना या चढ़ते-उतरते समय हुए हादसे जैसी गंभीर परिस्थितियों के लिए है। हालांकि, यात्री अक्सर देर से आने या बीच रास्ते में उतरने के लिए चेन खींच देते हैं। इससे न केवल वह ट्रेन लेट होती है, बल्कि उसके पीछे आने वाली एक्सप्रेस और उपनगरीय ट्रेनों का पूरा शेड्यूल बिगड़ जाता है, जिससे हजारों यात्री परेशान होते है

 

किन शहरों में सबसे ज्यादा मामले आए सामने

जानकारी के अनुसार, दिल्ली मंडल ने उन रूट्स और स्टेशनों की पहचान भी की है, जहां यह समस्या सबसे अधिक है। इसके अनुसार, गाजियाबाद, गुरुग्राम, नई दिल्ली, पानीपत और रोहतक में सबसे ज्यादा चेन खींचने के मामले सामने आते हैं। दिल्ली-मुजफ्फरनगर और नई दिल्ली-कुरुक्षेत्र रेल सेक्शन इस मामले में सबसे प्रभावित रूट है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए चेन खींचने के बजाय रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करें या ऑन-ड्यूटी टीटीई से संपर्क करें।


तीन बार हॉर्न बजाकर ट्रेन रोकता है लोको पायलट

दरअसल, ट्रेन की चेन ट्रेन के मुख्य ब्रेक पाइप से जुड़ी होती है। इन पाइपों के बीच हवा का दबाव बना होता है। लेकिन चेन पुल करने से हवा बाहर निकल जाती है। हवा के दबाव में आई कमी के कारण ट्रेन की रफ्तार भी धीमी हो जाती है, इसके बाद पायलट तीन बार हॉर्न बजाकर ट्रेन को रोकता है।

कैस पता चलता है किस बोगी से चैन खींची गई

ट्रेनों के डिब्बों में इमरजेंसी फ्लैशर लगाए जाते हैं, जिनसे पता चलता है कि ट्रेन की चेन कहां से खींची गई है। अगर फ्लेशेर्स नहीं लगाए गए हैं, तो ट्रेन के गार्ड को जाकर देखना पड़ेगा ट्रेन के किस कोच में वॉल्व हटाया गया है। ऐसे में रेल पुलिस बिना वजह चेन पुलिंग करने वालों को पकड़ती है।