उत्तर प्रदेश उन्नाव: स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ उन्नाव के अधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा, कोर्ट में वाद दायर, ब्राह्मण जाति के प्रति किया अपमान जनक बयान।

उत्तर प्रदेश उन्नाव : सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर।

उत्तर प्रदेश उन्नाव: स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ उन्नाव के अधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा, कोर्ट में वाद दायर, ब्राह्मण जाति के प्रति किया अपमान जनक बयान।

उत्तर प्रदेश उन्नाव : समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर पर एक बयान अपलोड किया, जिसमें उन्होंने हिंदू धर्म के अस्तित्व को निकलते हुए ब्राह्मण जाति के प्रति अपमानजनक दिए गए घृणास्पद बयान को लेकर ब्राह्मण में विरोध देखा गया। उन्नाव शहर क्षेत्र के रहने वाले एक अधिवक्ता ने आईआरएस कर शिकायत की। कार्रवाई न होने पर आज उन्नाव के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां 156 (3) के तहत वाद दायर कर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।

शहर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइंस मोहल्ला में रहने वाले अधिवक्ता आदित्य कुमार त्रिपाठी पुत्र एसबी त्रिपाठी मैं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां धारा 156 (3) के तहत वाद दायर करते हुए बताया कि समाजवादी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा हिन्दू धर्म के अस्तित्व को नकारते हुए तथा ब्राह्मण जाति के प्रति अपमान जनक दिए गए हाल ही के घृणास्पद बयान को सुना व पढ़ा था। जिसकी सत्यता परखने के लिये प्रार्थी ने स्वामी प्रसाद मौर्य के अथराइज्ड ट्वीटर हैण्डल को चेक किया।

घृणास्पद बयान से प्रार्थी का मन अत्यंत आहत हुआ। 
इस पर स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा लिखित रूप से तथा वीडियो के माध्यम से घृणास्पद बयान पढ़ने व देखने को मिला, जिससे प्रार्थी का मन अत्यंत आहत हुआ है। अभियुक्त द्वारा दिये गए बयान से जन सामान्य के मन मे जातीय विभेद उत्पन्न हो रहा है। सामाजिक समरसता को खतरे में डाला गया है, जिसकी वजह से लोगों के मन में जाति को लेकर एक दूसरे के प्रति विभेद उत्पन्न हो सकता है। जातीय हिंसा हो सकती है। प्रार्थी ब्राह्मण जाति का होने के साथ सनातन हिन्दू धर्म को मानने और विश्वास रखने वाला व्यक्ति है।

अभियुक्त द्वारा किया गया कृत्य घृणा उत्पन्न करने वाला बयान है जिसे गम्भीरता से लिया जाना चाहिये माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कुछ समय पूर्व ही राज्यों को निर्देश दिया गया है कि बिना शिकायतकर्ता के स्वतः संज्ञान ले घृणास्पद बयान देने वाले व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही की जाए। लगातार हिन्दू धर्म और देवी देवताओं पर अपमान जनक टिप्पणी कर समाज में घृणा फैला रहा है।