नेपाल हिंसा: भारत में रुके लोगों का परिवार के लिए घबरा रहा दिल, फोन पर पता कर रहें हालात, बसें भी बॉर्डर पर रोकी
Nepal Violence Latest News: भारत में रहने वाले नेपाली नागरिकों को परिवार की सुरक्षा के लिए काफी बेचैन नजर आ रहे हैं। अपने देश मे बिगड़ती स्थिति से ग्रेटर नोएडा में कामकाज कर रहे नेपाली नागरिक काफी परेशान नजर आए।
नेपाल हिंसा को लेकर भारतीय में परिवार परेशान
सोबिन्द्र भाटी, ग्रेटर नोएडा: नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ भड़की हिंसा के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रह रहे नेपाली नागरिकों को अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है। वे फोन कर हालात की जानकारी ले रहे है और सभी से घर में रहने की अपील कर रहे है। ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में नेपाली मूल के लोग काम करते है। कई लोगों ने बताया कि जैसे ही हिंसा की खबरें सुनते हैं, दिल घबरा जाता है और तुरंत घर कॉल लगाते हैं। नेपाली समुदाय के संगठनों ने भी वहां के हालात पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि नेपाल में स्थिति सामान्य होने तक मानसिक शांति पाना मुश्किल है। सोशल मीडिया और टीवी चैनलों से पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
नेपाली नागरिक रमेश ने बताया कि सेक्टर अल्फा-1 में फूड स्टॉल लगाता हूं। नेपाल में हिंसा से चिंता बनी हुई है। लगातार फोन कर परिवार का हाल-चाल ले रहा हूं। हालांकि, गांव-देहात में स्थिति अभी सामान्य है। कृष्ण ने बताया कि मेरा मन हर समय परिवार की चिंता में डूबा रहता है। दिन में कई बार फोन मिला बात कर रहा हूं, लेकिन सुकून नहीं है।
नेपाली नागरिक अनूप ने कहा, अल्फा-1 कमर्शल बेल्ट के होटल में काम करता है। नेपाल में बढ़ती हिंसा से नीद उड़ गई है। काम करते हुए भी मन घर की चिंता मे उलझा रहता है। शहरों में हालात बिगड़ गए है। तिलक ने बताया कि यहां फास्ट फूड का स्टॉल लगाता हूं। आंदोलन हिंसक रूप ले चुका है। परिवार की चिंता है। बच्चो को घर पर ही रहने को कहा है।
UP बॉर्डर तक ही जा रहीं नेपाल की बसें
गाजियाबाद से भी कई स्तर पर अपडेट आ रही हैं। प्रदेश परिवहन विभाग ने नेपाल में हिसा को देखते हुए आनंद विहार डिपो से नेपाल जाने वाली चारों बसों का रूट बदल दिया है। चारों बसे नेपालगंज और महेंद्रनगर जाती है। अब इन्हें यूपी बॉर्डर पर ही रोका जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में जिस तरह से हिसा चल रही है, उसे देखते हुए फैसला किया गया है कि जब तक माहौल शांत नहीं हो जाता है, ये बसे रूपेहड़िया और टनकपुर तक ही चलेंगी।
पैसेंजर्स की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला
2 दिन से जब से हंगामा शुरू हुआ है, बसो को रोक दिया गया है। साहिबाबाद डिपो के अंतर्गत आने वाली 52 सीटर बसे यूपी नेपाल बॉर्डर पर 10 से 15 किमी पहले ही रोक दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पैसेंजर्स की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला किया गया है। साहिबाबाद डिपो के एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि आनंद विहार डिपो से नेपालगंज के लिए बसें चलती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से फैसला किया गया है कि अब यह बसे नेपालगंज की जगह रूपेहड़िया तक ही जा रही है। रूपहेड़िया नेपालगंज से 20 मिनट पहले पड़ता है। ठीक इसी तरह से महेद्रनगर की गाड़ी टनकपुर तक जा रही है।
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