मध्यप्रदेश भोपाल : जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस गैंगस्टर घोषित कर चुकी है वो मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ रहा है।

Madhya Pradesh Bhopal

मध्यप्रदेश भोपाल : जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस गैंगस्टर घोषित कर चुकी है वो मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ रहा है।

मध्यप्रदेश भोपाल : कांग्रेस के इस प्रत्याशी की रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह पहले भी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों से ताल ठोक चुके हैं।

मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। सभी की नजर कांग्रेस द्वारा घोषित किए गए प्रत्याशियों के नाम पर है। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक ऐसे प्रत्याशी को भी अपना कैंडिडेट बनाकर मैदान में उतारा है जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस ने गैंगस्टर घोषित किया है। कांग्रेस के इस प्रत्याशी पर धोखाधड़ी जैसे कई मामले दर्ज हैं। इस प्रत्याशी का नाम है चरण सिंह यादव। चरण सिंह मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला की सीमा से लगे हुए उत्तर प्रदेश के झांसी जिला का रहने वाले हैं। इस प्रत्याशी की रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह पहले भी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों से ताल ठोक चुके हैं।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने चरण सिंह यादव को छतरपुर की बिजावर सीट से विधानसभा का प्रत्याशी बनाया है। इस अधिकृत प्रत्याशी पर उत्तर प्रदेश पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई कर चुकी है। अभी हाल ही में इनपर 420 का मुकदमा भी दर्ज किया गया था। उत्तर प्रदेश के झांसी जिला के मोठ ब्लॉक से समाजवादी पार्टी की सरकार में चरण सिंह यादव ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। इससे पहले चरण सिंह 2013 में टीकमगढ़ से समाजवादी पार्टी और 2018 में पन्ना से बीएसपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के जिला झांसी की शहर कोतवाली पुलिस ने चरण सिंह को 2023 में ही गैंगस्टर घोषित किया है। गैंगस्टर एक्ट के तहत चरण सिंह की सितंबर 2023 में करोड़ों की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। आरोप है कि करीब दो साल पहले साल 2021 में चरण सिंह यादव किन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में कई जगह नाम जोड़ रहे थे। उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग के आदेश के बाद झांसी की बबीना थाने की पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया था। जिसके बाद धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने  गिरफ्तार कर लिया था।