मेरठ ट्रैफिक विभाग उड़ा रहा  मान्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की धज्जियां के।ट्रैफिक विभाग के शह पर चल रहे रही डग्गामार गाड़ियां लग रही योगी सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपए का राजस्व चुना।*

मेरठ ट्रैफिक विभाग उड़ा रहा  मान्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की धज्जियां के।ट्रैफिक विभाग के शह पर चल रहे रही डग्गामार गाड़ियां लग रही योगी सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपए का राजस्व चुना।*


मेरठ में डग्गामार बस नही होने देगी योगी सरकार के दिए निर्देश को पूरा कहां से होगी 20 से 25 सवारी कहां से होगा प्रतिदिन का उत्तर प्रदेश परिवहन का 20 करोड रुपए का राजस्व पूरा मान्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ के ट्रैफिक विभाग पर खास ध्यान दे।मेरठ में डग्गामार बस और इको गाड़ियां और कुछ 7और 4 सीटर गाड़ियों मेरठ में  खूब फल फूल रही है ।जिसमें ट्रैफिक विभाग के उच्च अधिकारी भी मौन रहते हैं ।आपको जब बता दें मेरठ में अवैध तरीके से डगामार बस का संचालन लगातार हो रहा है।इनकी शक्ल हुबहू रोडवेज बस की तरह लगती है।जिसमें यात्री गच्चा खा जाते हैं और रोडवेज की हो हुबरू बस में बैठ जाते हैं । और सवारियों को पता नहीं लगता कि हैयह गाड़ी रोडवेज है या फिर डगामार जिसमे सवारी उन बस गाड़ी में बैठ जाते हैं ।और कुछ दूरी पर चलने के बाद  सवारियो से रोडवेज बसों का टिकट की रकम वसूली जाती है। लेकिन उनका टिकट नहीं दिया जाता जब यात्री इसका ऑब्जेक्शन उठाते हैं तो उनको बहला फुसलाकर बस में ही बैठा दिया जाता है ।यात्री करें तो क्या करें लगातार वह डग्गामार बसों के शिकार होते जा रहे हैं। जिसमें सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह है बस तनु नाम के व्यक्ति की चल रही है। इन बस को चलाने के लिए  ट्रैफिक  विभाग को अच्छी खासी मोटी रकम लेकर यह डग्गा मार बस चलवाई जा रही है इसकी शिकायत लगातार उच्च अधिकारी से की जाती है।तो उनके सर पर जूं तक नहीं रेंगती वहीं दूसरी तरफ मेरठ के मेट्रो प्लाजा के सामने चौकी के जस्ट बराबर में इको गाड़ियां में व कुछ 4 सीटर गाड़ियां अवैध तरीके से चलाई जा रही हैं। जिसमें 10 से 15  सवारियां बैठ कर हाईवे से ले  दिल्ली के जाती है। जिसमें मेट्रो प्लाजा से लेकर काशी टोल प्लाजा तक करीब चार से पांच जगह चेकिंग पॉइंट बने हुए हैं पर ट्रैफिक विभाग के पुलिसकर्मी इन अवैध डग्गामार गाड़ियों पर कार्रवाई नहीं करते क्योंकि ट्रैफिक विभाग इन गाड़ियों से हर महीने मोटा पैसा लेता है इसलिए इन गाड़ियों पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती। जिसमें ट्रैफिक विभाग का एक चेकिंग पॉइंट भी परतापुर फ्लाईओवर के नीचे पड़ता है जिसमें कुछ पुलिसकर्मी टोल प्लाजा पर लगातार अवैध वसूली के लिए खड़े रहते हैं ।जिसमें डागा मार बस वालों के द्वारा सवारी को लालच भी दिया जाता है कि उनसे कम किराया लिया जाएगा और लोग उसी के लालच में आ जाते हैं। जिसमे डग्गामार बस वाले यात्री के जीवन के साथ किया कर रहे हे।खिलवाड़ इन सब की शिकायत पहले भी की गई थी जिसमें डग्गामार बस अवैध रूप से संचालित हो रही एक v7 सीटर गाड़ियों की शिकायत समाचार पत्र में कुछ समय पहले प्रकाशित की गई थी।उसके बाद भी एसपी ट्रैफिक इन  डगगामार गाड़ियों पर कार्रवाई करने के नाम पर मोंन बैठे हैं। पहले भी एसपी ट्रैफिक ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था पर कोई कारवाई नही की गई लेकिन कुछ समय के लिए गाड़ियां वहां से हटाई दी जाती है।और फिर उसके बाद वहीं से डग्गामार का काम शुरू हो जाता है। इन सब का यह जाहिर है ।कि यह गाड़ियां अधिकारियों की सह पर डग्गामार बसों का संचालन हो रहा है।तभी  तो यह गाड़ी धड़ल्ले से दिल्ली के लिए अवैध तरीके से सवारियां भरकर ले जाई जाती हैं ।जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार योगी सरकार का कहना है कि रोडवेज उत्तर प्रदेश परिवहन का 15 करोड़ का महीने का राजस्व प्राप्त होना चाहिए आखिर मेरठ के भ्रष्टाचार अधिकारी कैसे करने देंगे योगी सरकार के उत्तर प्रदेश परिवहन के 20 करोड रुपए प्रतिदिन के राजस्व को पूरा। अगर बात करी जाए मेरठ की मेरठ के चारों तरफ डग्गामार मार्ग गाड़ियां योगी सरकार के आदेशों का उल्लंघन करके दिशा निर्देश करके अधिकारियों की सह पर चल रही हे।