भट्ठा मजूदर के बेटे की बीमारी से हुई मौत, तंगी से जूझ रहे मजदूर को भट्ठा मालिक ने नही दिए पैसे.
भट्ठा मजूदर के बेटे की बीमारी से हुई मौत, तंगी से जूझ रहे मजदूर को भट्ठा मालिक ने नही दिए पैसे.
कौशाम्बी : जनपद में चायल नगर पंचायत क्षेत्र के डीहा घूरी के समीप संचालित हो रहे गगन ईंट भट्ठे में मजदूरी का काम रहे मजदूर के बच्चे का इलाज के आभाव में मौत हो गई, मजदूर ने समय से मालिक पर मजदूरी की रकम नहीं देने का आरोप लगाया है जिससे पैसे की तंगी के चलते उसके बच्चे की मौत हो गई है, इलाज के आभाव में बच्चे की मौत होने की शिकायत मजदूर ने चायल चौकी पुलिस से किया है हालांकि तहरीर लेने के बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है, मिली जानकारी के अनुसार शमबलि पुत्र बैसाखी निवासी गेंदोपुर थाना अतरी टेटुआ जनपद गया बिहार ने शनिवार को चायल चौकी पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में बताया है कि वह डीहा घूरी के समीप संचालित हो रहे ईंट भट्ठे में मजदूरी करता है उसका आरोप है कि उसका छह वर्शीय पुत्र बीमार हो गया था जिसके इलाज के लिए पीड़ित पिता शामबली ने भट्ठा मालिक से मजदूरी का धन मांगा लेकिन उसको पैसा नहीं दिया गया, ऐसे में उसके बेटे का इलाज नहीं होने से उसकी मौत हो गई है इससे नाराज भट्ठा मजदूर शनिवार को चायल चौकी पहुंचकर मामले में भट्ठा मालिक की शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग की है, हालांकि चायल चौकी इंचार्च से जरिए दूरभाश बात की गई तो उन्होंने कहा कि भट्ठा मालिक पहले से मजदूर को एडवांस रकम दे रखा था फिर भी मामले की जांच की जा रही है ।
जुल्म के खिलाफ आवाज समय-समय पर उड़ती रही है कभी इस आवाज ने सियासत को पलटा और कभी अत्याचार के खिलाफ उठती यह आवाज सियासत के द्वारा दफना दी गई। कहते हैं जुल्म करना तो गुनाह है ही मगर जुल्म को सहना भी गुनाह है। इसलिए जुल्म के खिलाफ आवाज हमेशा बुलंद करनी चाहिए।
(2)बेहतर दिनों की आस में ग़रीब जुल्म सहता गया
अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाने की बजाय
वैसे करता रहा जैसे अमीर कहता गया
रोटी कमाने से फुर्सत मिले तो आवाज़ उठाए
भूखे पेट जुल्म के खिलाफ आवाज़ निकलेगी कैसे
अत्याचार के खिलाफ शायरी
एक हो जाओ अत्याचार के खिलाफ
जुल्म और भ्रष्टाचार के खिलाफ
जो करती है शोषण गरीबों का