'टेस्ट मैच' को T20 बना दिया, वैभव सूर्यवंशी की धांसू फिफ्टी, 57 साल पुराना रिकॉर्ड एक झटके में ध्वस्त

वैभव सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए महज 42 गेंदों में अर्धशतक जड़कर दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

'टेस्ट मैच' को T20 बना दिया, वैभव सूर्यवंशी की धांसू फिफ्टी, 57 साल पुराना रिकॉर्ड एक झटके में ध्वस्त

नई दिल्ली: भारत के युवा स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू क्रिकेट में एक नया इतिहास रच दिया है। ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मैच के दूसरे दिन वैभव ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक नया कीर्तिमान अपने नाम किया। महज 15 साल की उम्र में इस युवा बल्लेबाज ने दलीप ट्रॉफी का सबसे तेज अर्धशतक जड़कर रिकॉर्ड बुक्स में अपना नाम दर्ज करवा लिया है।


42 गेंदों में ठोक दी फिफ्टी

मैच के दौरान वैभव ने विरोधी गेंदबाजों पर शुरुआत से ही कड़ा प्रहार किया और महज 42 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। यह उनके फर्स्ट-क्लास करियर का केवल दूसरा अर्धशतक है। अपनी इस आक्रामक पारी के दौरान उन्होंने अपने सलामी साथी अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 100 रनों की मजबूत शतकीय साझेदारी भी निभाई, जिसने ईस्ट जोन को एक ठोस शुरुआत दिलाई।



57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ डाला

इस तूफानी अर्धशतक के साथ ही वैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी के इतिहास में पचास रन बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा 15 साल और 157 दिन की उम्र में अंजाम दिया। इसके साथ ही उन्होंने लक्ष्मण सिंह का 57 साल पुराना रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया, जिन्होंने साल 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाया था।

92 रन पर हो गए आउट

ईस्ट जोन के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी इतिहास रचने के बेहद करीब पहुंचकर चूक गए और महज 81 गेंदों में 92 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। वह केवल 8 रन से अपना शतक बनाने और दलीप ट्रॉफी इतिहास का सबसे युवा शतकवीर बनने से रह गए। दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में शतक (17 साल 262 दिन) लगाने का रिकॉर्ड महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है जिसे तोड़ने का सुनहरी मौका वैभव के हाथ से निकल गया।



रणजी में भी किया था कमाल

वैभव सूर्यवंशी का आक्रामक अंदाज उनके पिछले मुकाबलों में भी देखने को मिला है। इससे पहले उन्होंने रणजी ट्रॉफी के पिछले सीजन में मेघालय के खिलाफ खेलते हुए अपने करियर का पहला फर्स्ट-क्लास अर्धशतक ठोका था। उस मैच में उन्होंने और भी खतरनाक तेवर दिखाते हुए महज 33 गेंदों में फिफ्टी जमा दी थी।

हालांकि, चालू दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में वैभव का बल्ला खामोश रहा था। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ पहले दौर के मुकाबले में वह सस्ते में पवेलियन लौट गए थे और केवल 8 रन ही बना सके थे।