उत्तर प्रदेश उन्नाव मांखी रेप पीड़िता ने अपने चाचा माँ बहन पर पैसे ग़बन का आरोप लगाया,
पीड़िता का आरोप है कि उसे सरकार और अन्य संस्थाओं से सहायता राशि मिली थी, लेकिन जेल में बंद उसके चाचा, मां, बहन और एक महिला ने इस हड़प लिया और उसे जान से मारने की धमकी दी है।
उत्तर प्रदेश उन्नाव मांखी: उन्नाव के माखी रेप कांड मामले में एक नया मोड़ आ गया है. पीड़िता ने जेल में बंद चाचा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं, पीड़िता ने अपने ही चाचा, मां, बहन और एक महिला के खिलाफ माखी थाने में पैसे हड़पने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि पीड़िता को सरकार और विभिन्न संगठनों द्वारा मिली सहायता राशि को हड़प लिया है, जब उसने पैसे मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई. पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।
उन्नाव रेप पीड़िता ने माखी पुलिस थाने में तहरीर देते हुए बताया कि उसके साथ घटित हुई घटना के बाद सरकार और संगठन के द्वारा एक करोड़ 10 लाख रुपये की सहायता मिली थी, जिसे उसके चाचा महेश सिंह, मां आशा सिंह, बहन मुस्कान और महिला मित्र सोनू ने मिलकर हड़प लिया. लखनऊ में जब उसने आवश्यकता पड़ने पर पैसों की मांग की तो सभी ने मिलकर उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पिता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।

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पीड़िता ने लगाया प्रताड़ित करने का आरोप
पीड़िता ने बीते 11 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर पुलिस अधिकारी और सीबीआई के अफसर से न्याय की गुहार लगाई थी। इस वीडियो में पीड़िता ने बताया कि उसके परिजन लगातार उसे प्रताड़ित कर रहे हैं और उसे घर में रहने नहीं दे रहे हैं। शादी के बाद से उसे लगातार टॉर्चर किया जा रहा है। उसके पति को जेल में बंद दोषी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का करीबी आदमी बात कर धमकी दी जा रही हैं।
पीड़िता ने चाचा महेश सिंह पर एफआईआर दर्ज कराई है जो पहले से ही दर्ज मुकदमों में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है और उन्नाव न्यायालय में अलग-अलग प्रकरण में सुनवाई चल रही है, तिहाड़ जेल में ही सजायाफ्ता आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर भी बंद है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़िता की तहरीर पर माखी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने सभी के खिलाफ धारा 406 (अमानत में खयानत) 506 (जान से मारने की धमकी) में मुकदमा दर्ज किया है और मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है, थानाध्यक्ष वीर बहादुर ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है, बैंक संबंधित डीटेल्स एकत्र की जा रही है, जिसके बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

