प्रजातंत्र का भारतीय ज्ञान परंपरा से गहरा रिश्ता है : प्रो०रिपुसूदन सिंह

राणा प्रताप पीजी कॉलेज सुल्तानपुर में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित बाबू धनंजय सिंह स्मृति व्याख्यानमाला में "भारतीय विश्व दृष्टि से प्रजातंत्र के सफलता की जड़े विश्व पर" बतौर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ० भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के प्रोफेसर रिपुसूदन सिंह रहे।

प्रजातंत्र का भारतीय ज्ञान परंपरा से गहरा रिश्ता है : प्रो०रिपुसूदन सिंह
डॉ भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो० डॉ० रिपु सूदन सिंह व्याख्यान संबोधित करते हुए
प्रजातंत्र का भारतीय ज्ञान परंपरा से गहरा रिश्ता है : प्रो०रिपुसूदन सिंह

प्रजातंत्र का भारतीय ज्ञान परंपरा से गहरा रिश्ता है:  प्रो० रिपु सूदन सिंह

सुल्तानपुर : भारत एक देश नहीं दर्शन है। यह ब्रह्मांड केंद्रित, प्राकृतिक केंद्रित मनुष्य केंद्रित और जीवन केंद्रित ,विश्व दृष्टि है इसकी प्राकृतिक बहुलतावादी है। जो अपने भीतर विभिन्न संस्कृतिक विचारों और जीवन पद्धतियों को समाहित करती है। यह बातें डॉक्टर भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के प्रोफेसर रिपु सूदन सिंह ने कहीं।

राणा प्रताप स्नाकोत्तर महाविद्यालय सुल्तानपुर के राजनीतिक विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित बाबू धनंजय सिंह स्मृति व्याख्यान माला में "भारतीय विश्व दृष्टि से प्रजातंत्र के सफलता की जड़े विश्व" पर बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे । अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अपनी परंपरा से परिचित हुए बिना हम अपने समय की जरूरत को ना ठीक से समझ सकते हैं ना ही इसका सार्थक हल निकाल सकते हैं ।आभार ज्ञापन विभाग अध्यक्ष डॉ० अभय सिंह व संचालन डॉ० मंजू ठाकुर ने किया इस अवसर पर प्रो०एम०पी सिंह आइक्यूएसी निर्देशक इंद्रमणि कुमार डॉ०आलोक पांडेय, डॉ०अंजना सिंह डॉ० शैलेंद्र प्रताप सिंह व डॉ० धीरेंद्र कुमार सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक व सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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