सरकारी हैंड पंप से नहीं मिल रहा पानी, डीएम से शिकायत के बाद भी नही हुई कोई कार्यवाही.
सरकारी हैंड पंप से नहीं मिल रहा पानी, डीएम से शिकायत के बाद भी नही हुई कोई कार्यवाही.
कौशाम्बी : जनपद के नगर पालिका मंझनपुर के नगर पालिका परिषद रत्नावलीपुरम वार्ड नंबर 19 के मंजरा बंधवा रजवर के गांव बभनपुरवा में स्थित सरकारी हैंडपंप से नगर वासियों को दबंग पानी नहीं भरने दे रहा है, इससे नगर वासियो में आक्रोश व्याप्त है जबकि एक मां पहले दबंग के खिलाफ सरकारी हैंड पंप में कब्जा करने की शिकायत जिला अधिकारी को दी गई है लेकिन अभी तक कोई भी नगर पालिका का कर्मचारी मौके पर पानी के विवाद को हल करने के लिए नहीं पहुंचा है, बतादें कि बभनपुरवा मंजरा बंधवा रजवर रत्नावली पुरम वार्ड नंबर 19 नगर पालिका मंझनपुर में अशर्फीलाल के दरवाजे पर सरकारी हैंडपंप सांसद निधि से जल निगम द्वारा 2017 में लगाया गया था। अभिलेखों में दर्ज सैकड़ो लोगों को पानी भरने की सहूलिया दी गई थी लेकिन पड़ोसी अशर्फीलाल व उसका लड़का राजकुमार पत्नी से सैकड़ो लोग परेशान हैं, पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में बृजरानी पत्नी दुक्खू ने आरोप लगाया है कि अशर्फीलाल 16 दिसंबर की दोपहर बाद 3:00 बजे हैंडपंप पर पानी भरने गई बृजरानी व कई महिलाओं को बद्दी बद्दी गाली देते हुए उनकी बाल्टिया फेंक दिया, इससे पानी भरने वाली महिलाओं में आक्रोश व्याप्त हो गया। आरोप हैं। कि अशर्फीलाल व उसका लड़का राजकुमार उर्फ गुड्डू तथा एवं पत्नी बहू के द्वारा लोगों से निजी हैंड पंप का वास्ता देकर पानी भरने से मना किया जा रहा है, जबकि लोगों का मानना है कि कई वर्ष पहले पानी की समस्या को दूर करने के लिए सांसद निधि से हैंडपंप स्थापित किया गया था जल निगम द्वारा स्थापित हैंड पंप से सभी आसपास के लोगों को पानी भरने की सहूलियत दी गई थी, आरोप है कि अशर्फीलाल सरकारी हैंड पंप को अपने बाउंड्री वॉल में छुपा कर कब्जे में करना चाह रहा है यदि अशर्फी लाल द्वारा हैंड पंप में दिवाल बनाकर कब्जा कर लिया गया तो सैकड़ो लोगों को पीने के पानी की किल्लत का सामना करना पड़ेगा ।
जुल्म के खिलाफ आवाज समय-समय पर उड़ती रही है कभी इस आवाज ने सियासत को पलटा और कभी अत्याचार के खिलाफ उठती यह आवाज सियासत के द्वारा दफना दी गई। कहते हैं जुल्म करना तो गुनाह है ही मगर जुल्म को सहना भी गुनाह है। इसलिए जुल्म के खिलाफ आवाज हमेशा बुलंद करनी चाहिए।
(2)बेहतर दिनों की आस में ग़रीब जुल्म सहता गया
अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाने की बजाय
वैसे करता रहा जैसे अमीर कहता गया
रोटी कमाने से फुर्सत मिले तो आवाज़ उठाए
भूखे पेट जुल्म के खिलाफ आवाज़ निकलेगी कैसे
अत्याचार के खिलाफ शायरी
एक हो जाओ अत्याचार के खिलाफ
जुल्म और भ्रष्टाचार के खिलाफ
जो करती है शोषण गरीबों का