समान नागरिक संहिता पर आदिवासी अड़े तो समझिए कैसे मुश्किलों में फंस सकती है बीजेपी?
समान नागरिक संहिता पर आदिवासी अड़े तो समझिए कैसे मुश्किलों में फंस सकती है बीजेपी?
लोकसभा में आदिवासियों के लिए आरक्षित 47 सीटें हैं, जिसमें से करीब 28 पर बीजेपी को जीत मिली थी. गठबंधन पॉलिटिक्स में इस बार इन सीटों का महत्व काफी बढ़ गया है.
समान नागरिक संहिता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पैरवी के बाद माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इसे जल्द लागू कर सकती है. मोदी सरकार मानसून सत्र में ही यूसीसी विधेयक ला सकती है. विधि आयोग ने हाल ही में लोगों से नागरिक संहिता पर राय मांगी थी. देश भर से अब तक 8.5 लाख लोगों ने इस पर अपना विचार भी साझा किया है.
समान नागरिक संहिता बीजेपी का कोर मुद्दा रहा है और स्थापना के वक्त से ही पार्टी इसे उठाती रही है. जानकारों का मानना है कि मंडल की राजनीति में घिरी बीजेपी 2024 से पहले यूसीसी को लागू कर ब्रांड हिंदुत्व को और मजबूत करना चाहती है, जिससे चुनाव 80 (हिंदू) वर्सेज 20 (मुसलमान) का हो जाए.

