हमारा तो चला गया, किसी और घर का चिराग न बुझे', चाइनीज मांझे से सिपाही शाहरुख की मौत के बाद परिवार ने की अपील
रजबपुर के गांव बल्दान हीरा सिंह में रविवार को माहौल गमगीन रहा। जो बेटा छह साल पहले खादी वर्दी पहन कर देशसेवा के लिए घर से निकला था वह सफेद कफन ओढ़ कर घर वापस लौटा था।
दोपहर में दफीने के बाद रिश्तेदार व परिचित तो चले गए थे, लेकिन स्वजन के लिए शाहरुख की यादें शेष थीं। जवान बेटे की मौत से टूट चुके स्वजन गुमसुम बैठे थे।
रविवार शाम को शाहरुख के भाई व पिता की एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुई। जिसमें वह रोते हुए जिला प्रशासन से भावुक अपील करते नजर आ रहे हैं। पिता-पुत्र ने अधिकारियों से चाइनीज माझे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। ताकि भविष्य में किसी से घर का चिराग न बुझ सके।
2018 में पुलिस में भर्ती हुए थे शाहरुख
गांव बल्दाना हीरा सिंह निवासी शाहरुख हुसैन 2018 में यूपीपी में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। परिवार में पिता अबरार हुसैन, मां रुखसाना, भाई साजिद व बहन शमा परवीन हैं। वर्तमान में शाहरुख की तैनाती शाहजहांपुर के एसपी दफ्तर में थी। शनिवार को बाइक से जाते समय चाइनीज माझे में फंसने से उनकी गर्दन कट गई थी तथा उनकी मौत हो गई थी। शनिवार रात पोस्टमार्टम के बाद शव को घर लाया गया था। रविवार को पुलिस की सलामी के बाद गमगीन माहौल में उन्हें सुपुर्दे खाक कर दिया गया
है।
जवान बेटे को खाेने के बाद टूटा परिवार
जवान बेटे को सुपुर्दे खाक करने के बाद रिश्तेदारों व परिवार के लोगों के बीच गुमसुम बैठे पिता, मां, भाई व बहन बदहवास हो रहे थे। अचानक हुए इस हादसे से स्वजन टूट चुके हैं। परंतु शाहरुख के भाई साजिद व पिता अबरार ने दुख की इस घड़ी में हिम्मत दिखाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को आईना दिखाया है। उन्होंने परिवार के ही युवक शमीम के माध्यम से इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित की है। जिसमें अबरार व साजिद अधिकारियों से चाइनीज माझे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने की हाथ जोड़ कर मांग कर रहे हैं।
sachin sharma

