बस्ती प्रशासन के दावों की खुली पोल !पथरीले रास्ते पर होगी कांवड़ियों की होगी अग्निपरीक्षा

सावन मास शुरू होते ही कावड़ियों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. आपको बता दें कि बस्ती में लाखों शिव भक्त कावड़ उठाकर जल भरने अयोध्या जाते हैं और फिर सरयू से जल भरकर वो वापस बस्ती के भादेश्वर नाथ शिव मंदिर में भगवान शिव को जलाभिषेक करते हैं . लेकिन इस बार शिवभक्तों का दूरी के साथ-साथ पथरीले सड़क भी जमकर परीक्षा लेंगे. बात नेशनल हाईवे की हो या लिंक रोड़ की सभी के सभी टूट चूके हैं. इसपर पैदल चलना कांवड़ियों के लिए एक अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा . टूटे रोड़ में ऐसे नुकेली पत्थर निकले हैं जो वाहनों को भी पंचर कर देते हैं. तो आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं की इस रोड़ पर कांवड़ियों का क्या हाल होगा. तमाम कांवड़िए नंगे पांव चलते हैं. पथरीली राहों पर उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है. भारी बारिश ने खोली मरम्मत की पोल आपको बता दे की बस्ती जनपद में कांवड़ियों द्वारा तेरस पर्व के दिन नंगे पाव अयोध्या सरयू नदी से जल भरने जाते हैं और वहां से जल भरकर पुनः वापस बस्ती के भादेश्वर नाथ मन्दिर आते है. साथ ही कुछ अन्य शिव भक्त सावन मास में प्रत्येक सोमवार और शनिवार को भी नंगे पांव जाकर जलाभिषेक करते हैं. जिसकी कुल दूरी लगभग 120 किलोमीटर है, लेकिन बिखरी गिट्टिया और उबड़-खाबड़ सड़कें इस बार कांवड़ियों की विशेष परीक्षा लेने जा रही है. अगर समय रहते प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो ये पथरीले रास्ते कांवड़ियों के लिए कंटीले रास्ते के रूप में बदल जाएगा. हालाकि प्रशासन द्वारा एक हफ्ते पहले खराब हुई सड़क पर पैचिंग कराई गई थी. लेकिन जनपद में हुई तेज बारिश ने इन पैचिंग को गड्ढों में बदल दिया और छोटी छोटी नुकीली गिट्टिया उभर कर बाहर आ गई. कमिश्नर ने दिया कोरा आश्वासन कमिश्नर बस्ती मण्डल अखिलेश सिंह ने बताया कि हम लोग कांवड़ियों वाले रास्ते पर जाकर रोड़ आदि की स्थिति का जायजा ले रहे हैं. जहां भी कोई दिक्कत है उसे सम्बन्धित विभाग को अवगत कराकर जल्द ठीक कराने का निर्देश दिया जा रहा है.

सावन मास शुरू होते ही कावड़ियों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. आपको बता दें कि बस्ती में लाखों शिव भक्त कावड़ उठाकर जल भरने अयोध्या जाते हैं और फिर सरयू से जल भरकर वो वापस बस्ती के भादेश्वर नाथ शिव मंदिर में भगवान शिव को जलाभिषेक करते हैं . लेकिन इस बार शिवभक्तों का दूरी के साथ-साथ पथरीले सड़क भी जमकर परीक्षा लेंगे.

बात नेशनल हाईवे की हो या लिंक रोड़ की सभी के सभी टूट चूके हैं. इसपर पैदल चलना कांवड़ियों के लिए एक अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा . टूटे रोड़ में ऐसे नुकेली पत्थर निकले हैं जो वाहनों को भी पंचर कर देते हैं. तो आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं की इस रोड़ पर कांवड़ियों का क्या हाल होगा. तमाम कांवड़िए नंगे पांव चलते हैं. पथरीली राहों पर उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है.

भारी बारिश ने खोली मरम्मत की पोल

आपको बता दे की बस्ती जनपद में कांवड़ियों द्वारा तेरस पर्व के दिन नंगे पाव अयोध्या सरयू नदी से जल भरने जाते हैं और वहां से जल भरकर पुनः वापस बस्ती के भादेश्वर नाथ मन्दिर आते है. साथ ही कुछ अन्य शिव भक्त सावन मास में प्रत्येक सोमवार और शनिवार को भी नंगे पांव जाकर जलाभिषेक करते हैं. जिसकी कुल दूरी लगभग 120 किलोमीटर है, लेकिन बिखरी गिट्टिया और उबड़-खाबड़ सड़कें इस बार कांवड़ियों की विशेष परीक्षा लेने जा रही है. अगर समय रहते प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो ये पथरीले रास्ते कांवड़ियों के लिए कंटीले रास्ते के रूप में बदल जाएगा. हालाकि प्रशासन द्वारा एक हफ्ते पहले खराब हुई सड़क पर पैचिंग कराई गई थी. लेकिन जनपद में हुई तेज बारिश ने इन पैचिंग को गड्ढों में बदल दिया और छोटी छोटी नुकीली गिट्टिया उभर कर बाहर आ गई.

कमिश्नर ने दिया कोरा आश्वासन

कमिश्नर बस्ती मण्डल अखिलेश सिंह ने बताया कि हम लोग कांवड़ियों वाले रास्ते पर जाकर रोड़ आदि की स्थिति का जायजा ले रहे हैं. जहां भी कोई दिक्कत है उसे सम्बन्धित विभाग को अवगत कराकर जल्द ठीक कराने का निर्देश दिया जा रहा है.