*श्री वांकल वीरात्रा माता मेला 27 सितम्बर से।*

श्री वीर विक्रमादित्य द्वारा स्थापित श्री वांकल माताजी का प्राचीन मंदिर श्री वांकल धाम महातीर्थ - वीरात्रा विश्वविख्यात शक्तिपीठ है जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में देवी के श्रद्धालु भक्त आते है , इस वांकल धाम महातीर्थ पर दिनांक 27 सितम्बर 2023 से 29 सितम्बर 2023 तक तीन दिन विशाल मेले का आयोजन होने जा रहा है। यूं तो इस मंदिर में हर माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मेला रहता है। विशेषकर वर्ष में तीन बार चैत्र , भाद्रपद एवं माघ मास के शुक्ल पक्ष में त्रयोदशी तिथि से पूर्णिमा तक विशाल मेले का आयोजन होता है एवं वर्ष में दो बार चैत्र एवं आश्विन मास में नवरात्रि महोत्सव होता है। भादवा मेले में राजस्थान के अलावा पूरे भारतवर्ष से देवी के श्रद्धालु भक्त आते है। इस भादवा मेले में विशेषकर नव-विवाहित जोड़े अपने सफल वैवाहिक जीवन की कामना हेतु एवं नवजात शिशुओ का उपनयन संस्कार वीरात्रा मंदिर के अंतर्गत आने वाले बारह मंदिरों की परिक्रमा कर रात्रि विश्राम वीरात्रा धाम में करते है। वैसे तो यह मेला भादवा सुदी दूज से शुरू हो जाता है परंतु अधिकतम यात्रियों का आवागमन भादवा सुदी तेरस से पुर्णिमा तक रहता है। इस मेले में सभी धर्म के एवं छत्तीस कौम के लोग आते है। इस मेले में करीब 3 लाख से अधिक यात्रियों के आने की संभावना है। ट्रस्ट मंडल ने बताया कि मेले के सम्बंध में वीरात्रा ट्रस्ट द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में बिजली , पानी , आवास एवं भोजन की माकूल व्यवस्था की जा रही है। मंदिर को विशेष लाइट डेकोरेशन कर सजाया जा रहा है। यात्रियों के बैठने के लिए मंदिर परिसर में टेंट की व्यवस्था कि जा रही है। मंदिर परिसर में ट्रस्ट द्वारा बलि व मदिरा पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है। मेले की सुव्यवस्था के सम्बंध में जिला कलेक्टर बाड़मेर से निवेदन किया जा चुका है जो सम्बंधित विभागों की बैठक आयोजित कर अंतिम रूप देंगे। चोहटन उपखंड अधिकारी ने विभिन्न विभागों की बैठक आयोजित कर मेले के सम्बंध में उचित निर्देश दे दिए है। *मेले के दौरान वाहन पार्किंग हेतु निविदा दिनांक 23 सितम्बर को दोपहर 12 बजे ट्रस्ट मंडल के समक्ष खोली जाएगी।* *दुकानों की नीलामी 23 सितम्बर को।* यात्रियों की सुविधा हेतु मंदिर परिसर में लगने वाली दुकानों की नीलामी दिनांक 23 सितम्बर 2023 को दोपहर 12 बजे मंदिर परिसर में रखी गई है। जो भी दुकानदार मेले के दौरान दुकान लगाना चाहता है वो बोली में भाग ले सकता है। जो संस्था या समूह मेले के दौरान सेवाएं चाय व नाश्ता कैंटीन के रूप में बिना लाभ-हानि के देना चाहते है वो अपना स्थान ट्रस्ट कार्यालय से आवंटित करालें। जो पैदल संघ भजन संध्याओ का आयोजन करवाना चाहते है वे संघ अपना स्थान आवंटित करा सकते है।