अयोध्या: कैसे हो धन्नीपुर मस्जिद निर्माण? 65 करोड़ खर्च का अनुमान, अब तक आए तीन करोड़ रुपये
Ayodhya Dhannipur Mosque News: अयोध्या में बाबरी मस्जिद के एवज में धन्नीपुर में मस्जिद निर्माण के लिए जगह मुहैया कराई गई है, लेकिन 6 साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में ध्वस्त बाबरी मस्जिद की आंच पर पश्चिम बंगाल की राजनीति सुलगाई जा रही है। तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को बाबरी विध्वंस की बरसी के दिन मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण की नींव रखी। इसने पूरे देश में एक बार फिर सांप्रदायिक राजनीति को हवा दे दी है। हालांकि, जिस अयोध्या की बाबरी मस्जिद पर पश्चिम बंगाल के साथ देश गरमा रहा है, उस बाबरी मस्जिद के एवज में मिली जमीन पर उसी नगरी में मस्जिद का शिलान्यास छह साल बाद भी संभव नहीं हो पाया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने श्रीराम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद टाइटल डिस्प्यूट में 9 नवंबर 2019 को ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जन्मभूमि की जमीन के तीन दावेदारों में से भगवान रामलला को समर्पित मंदिर के निर्माण के लिए पूरी 2.77 एकड़ विवादित जमीन दी जाएगी। इसके साथ ही विवादित जमीन विवाद का निपटारा कर दिया गया। 9 नवंबर 2019 को, अदालत ने अपना फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने भगवान श्रीराम विराजमान को भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में एक वैकल्पिक स्थान प्रदान करे। धन्नीपुर में सरकार ने जमीन मुहैया कराई, लेकिन अब तक वहां मंदिर का शिलान्यास तक नहीं हो पाया है।
क्या है कारण?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूपी सरकार ने सोहावल के धन्नीपुर गांव में मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन दी है। हालांकि, वहां निर्माण कार्य को शुरू कराने में सफलता नहीं मिल सकी। दरअसल, मस्जिद के डिजाइन को लेकर एकमत नहीं होने की बात सामने आई। अब दावा किया जा रा है कि डिजाइन फाइनल हो चुका है। 31 दिसंबर तक नक्शा मंजूरी के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण में इसे पेश किया जाएगा। पहले के नक्शे का आवेदन निरस्त हो चुका है। इस कारण ट्रस्ट की ओर से प्रक्रियाओं को पूरा न किया जाना रहा। दावा किया जा रहा है कि मार्च 2026 के बाद से धन्नीपुर में मस्जिद निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
मुश्किलें और भी हैं...
मस्जिद निर्माण में नक्शा तो एक कारण है, लेकिन मुश्किलें और भी हैं। दरअसल, मस्जिद निर्माण का खर्च और अब तक इस मद में आने वाले चंदे का अंतर इतना है कि निर्माण प्रक्रिया को शुरू कराने में लोग हिचक रहे हैं। मस्जिद निर्माण से जुड़े फारूकी का कहना है कि मस्जिद, वजूखाना और उससे जुड़े निर्माण पर करीब 65 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके लिए ट्रस्ट ने चंदा शुरू किया। छह साल बाद भी ट्रस्ट के पास करीब 3 करोड़ रुपये चंदा जुट पाया है।ट्रस्ट का कहना है कि धन्नीपुर मस्जिद परियोजना के लिए दान अभी काफी कम है।
1400 वर्गमीटर में मस्जिद
मस्जिद का निर्माण 1400 वर्ग मीटर क्षेत्र में होना है। वहीं, मस्जिद का पूरा परिसर सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव की 5 एकड़ जमीन पर विकसित होगा। इस मस्जिद में पांच मीनार और एक गुंबद होगा। यहां पर एक साथ 5000 पुरुष और महिलाएं नमाज पढ़ पाएंगे। मस्जिद परिसर में कैंसर अस्पताल, संग्रहालय और सामुदायिक किचन के निर्माण की योजना है। इसके अलावा यहां रिसर्च सेंटर, शैक्षिक और सामाजिक सुविधाओं का भी विकास होगा।
राम मंदिर बनकर तैयार
धन्नीपुर मस्जिद जहां एक तरफ निर्माण की बाट जोह रहा है, वहीं राम मंदिर परिसर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। 25 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने राम जन्मभूमि मंदिर में धर्म ध्वजा फहराकर मंदिर निर्माण कार्य के पूर्णाहूति का ऐलान किया। राम मंदिर में रामलला और राम दरबार के मंदिर का निर्माण किया गया है। वहीं, परिसर में सप्तर्षियों के मंदिर का निर्माण हुआ है। राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या की रंगत बदल गई है। हर रोज एक से दो लाख श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

