Delhi Crime News: वो उसे भाई मानती थी... तौफीक शादी करना चाहता था, फिर 5वीं मंजिल से दिया धक्का, नेहा की डराने वाली कहानी
दिल्ली में नेहा हत्याकांड से सनसनी फैल गई है। आरोपी तौफीक बुर्का पहनकर नेहा की बिल्डिंग में घुसा और उसके पिता के सामने ही उसे पांचवी मंजिल से धक्का दे दिया।
खुशीभूता, नई दिल्ली: दिल्ली के नेहा हत्याकांड ने सभी को हैरान कर दिया है। आरोपी तौफीक नेहा की बिल्डिंग में Burkha पहनकर चढ़ा था। उसने नेहा के पिता के सामने ही उनकी बेटी को पांचवी मंजिल से धक्का दे दिया। नेहा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन अफसोस उसे बचाया नहीं जा सका। आरोपी तौफीक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन अब इस अपराध से जुड़ी चौकाने वाली कहानी सामने आ रही है।
Delhi के गुरु तेग बहादुर अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर नेहा (19) के पिता बेहद गमगीन अवस्था में नजर आए। उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। नेहा के पिता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वो सिर्फ अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहते हैं। नेहा ने हाल ही में एक तेल कंपनी में काम करना शुरू किया था। वह अपने परिवार के लिए उम्मीद की किरण थी।
बुर्का पहनकर बिल्डिंग में आया था तौफीक
सुरेंद्र आगे बताते हैं कि कुछ समय पहले ही मुझे भी एक फैक्ट्री में नई नौकरी मिली थी। हमारा परिवार एक बेहतर भविष्य की उम्मीद कर रहा था, लेकिन तभी यह दुखद घटना हो गई। बता दें कि नेहा को 5वीं मंजिल से धक्का देने का आरोप तौफीक नाम के शख्स पर है, जो बुर्का पहनकर उसकी बिल्डिंग में दाखिल हुआ था।
शोर सुनकर छत की तरफ भागे थे पिता
बेटी के साथ हुई वारदात को याद करते हुए सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वे नीचे काम कर रहे थे, तभी उन्होंने शोर सुना। वह ऊपर की तरफ भागे तो देखा कि Tofiq उनकी बेटी पर हमला कर रहा है। उन्होंने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तौफीक ने उन्हें दूर धकेल दिया और वह छत पर ही गिर गए। इस बीच तौफीक ने उनकी बेटी नेहा को छत से नीचे धक्का दे दिया।
पिता को धक्का देकर छत पर गिराया
बिलखते हुए सुरेंद्र ने बताया कि उन्होंने नेहा को बचाने की काफी कोशिशें कीं, लेकिन वह अपनी बेटी को नहीं बचा सके। छत पर अफरा-तफरी मची हुई थी। सुरेंद्र ने बताया कि तौफीक ने उन्हें छत पर धक्का दिया तो वह दोबारा उठ ही नहीं पाए। उनके हाथ में चोट लग गई थी, जिसके कारण काफी दर्द हो रहा था।
नेहा ने हाल ही में पास की थी 12वीं
नेहा के पिता ने बताया कि पड़ोसियों ने तौफीक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह तेज रफ्तार में वहां से भागते हुए गलियों के सहारे निकलने में कामयाब हो गया। बता दें कि नेहा ने 12वीं कक्षा पास कर ली थी। उसकी इच्छा थी कि वह अपने परिवार का सहारा बने।
झूठ बोला था कि कोई बहन नहीं
पीड़िता के परिवार के सदस्यों ने बताया कि नेहा और तौफीक कुछ सालों से एक-दूसरे को जानते थे। एक रिश्तेदार ने बताया कि तौफीक ने एक बार परिवार को बताया था कि उसकी कोई बहन नहीं है। नेहा उसे भाई मानती थी और उसने उसकी कलाई पर राखी भी बांधी थी। तौफीक भी परिवार के करीब आ गया था। बाद में पता चला कि तौफीक की एक बहन है। इस खुलासे के बाद नेहा ने उससे बात करना बंद कर दिया था। तौफीक ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया था।

