उत्तर प्रदेश उन्नाव: करंट की चपेट में आने से चार बच्चों की मौत, फ़र्राटा पंखे में उतरा था करंट
यूपी के उन्नाव में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया। घर में रखे फर्राटा पंखे में करंट उतरने से चार बच्चे उसकी चपेट में आ गए, जिससे चारों की एक साथ मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
उत्तर प्रदेश उन्नाव : यूपी के उन्नाव में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया। बारासगवर थाना क्षेत्र के लालमनखेड़ा गांव में रविवार शाम लगभग 4 बजे घर के कमरे में रखे पंखे में उतर रहे करंट की चपेट में आने से 4 बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। करंट लगने पर बचाने के फेर में एक के बाद एक बच्चा व बच्चियां चपेट में आ गई थी। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस से जांच पड़ताल की जा रही है।
लालमनखेड़ा गांव के रहने वाले वीरेंद्र कुमार के घर के अंदर एक फर्राटा पंखा लगा हुआ था जिसमे बिजली का करंट आ रहा था। सभी बच्चे घर पर ही थे। माता पिता खेत गए थे। घर पर कोई नही सिर्फ बच्चे ही थे। इसी दरम्यान पास में खेल रहे एक बच्चे ने उसे छू लिया और करंट की चपेट में आकर चीखने लगा। चीख पुकार सुनकर पास में मौजूद तीन अन्य बच्चे पहुंच गए और जिससे वह भी एक के बाद एक चपेट में आ गए। करंट लगने से चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पड़ोसियों की सूचना पर खेत से आनन फानन आये माता पिता चारो बच्चों को देख पछाड़ खाकर गिर गए।
चपेट में आने वाले मयंक (9) हिमांशी (8) हिमांक (6) मानसी (4) है। सभी सगे भाई बहन हैं। चारों बच्चों के शव देख मां शिवदेवी संग सभी परिजन बदहवास होकर गिर पड़े। आसपास मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे तो वह भी रो रो कर बेहाल हो उठे। हादसे की जानकारी बारासगवर थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी दिलीप प्रजापति ने घटना स्थल पहुंचे और जांच पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई की है।
कलेजा चीर रही थीं माता-पिता की सिसकियां
थाना क्षेत्र के लालमनखेड़ा गांव के वीरेंद्र कुमार पासवान रविवार दोपहर पत्नी शिवदेवी के साथ मजदूरी में धान की फसल काटने खेत गए थे। घर में चारों बच्चे मयंक, हिमांशी, हिमांक व मानसी ही थे। बताया जा रहा है कि शाम चार बजे के करीब मयंक पंखा चालू करने के लिए बोर्ड में प्लग लगा रहा था तभी वह पंखे में करंट उतरने के चलते चिपक गया और वही गिर पड़ा। भाई को गिरा देख हिमांशी, हिमांक व मानसी उसे उठाने लगे। तीनों भाई बहनों की भी करंट की चपेट में आ जाने से दर्दनाक मौत हो गई।
पड़ोसियों की सूचना पर खेत से लौटे पिता वीरेंद्र व मां शिवदेवी ने चारों बच्चों के ऊपर फर्राटा पंखा पड़ा देखा तो अवाक रह गए। मां की चीख सुनकर गांव के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। परिजनों ने थाने को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीएम क्षितिज द्विवेदी, सीओ बीघापुर माया राय व थाना प्रभारी दिलीप कुमार मौके पर पहुंच परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। उधर क्षेत्रीय विधायक आशुतोष शुक्ला ने भी देर शाम पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दी। पिता वीरेंद्र व मां शिवदेवी के यही दो बेटे और दो बेटियां थीं। मासूम बच्चों की मौत की खबर लगते ही गांव में चारों ओर कोहराम मच गया। आलम यह रहा कि जिसे भी घटना की जानकारी हुई, वह आनन फानन मौके पर पहुंच गया। पूरे गांव में मातम छाया है।

