उत्तर प्रदेश : लखनऊ उन्नाव-हरदोई समेत 6 जिलों की खुली किस्मत, NCR की तर्ज पर यूपी SCR पर सीएम योगी का बड़ा ऐलान।

Uttar Pradesh Lucknow

उत्तर प्रदेश : लखनऊ उन्नाव-हरदोई समेत 6 जिलों की खुली किस्मत, NCR की तर्ज पर यूपी SCR पर सीएम योगी का बड़ा ऐलान।

उत्तर प्रदेश : लखनऊ सीएम योगी ने कहा कि तीन महीने के अंदर SCRDA की कार्ययोजना प्रस्तुत करें, मुख्यमंत्री ने कहा कि एससीआरडीए में लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली, सीतापुर और बाराबंकी को शामिल किया जाएगा। 


दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर यूपी में स्टेट कैपिटल रीजन पर योगी सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन महीने में एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। 


सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की समीक्षा की, इस दौरान उन्होंने स्टेट कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (SCRDA) के जल्द गठन के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि तीन महीने के अंदर SCRDA की कार्ययोजना प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि एससीआरडीए में लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली, सीतापुर और बाराबंकी को शामिल किया जाएगा, साथ ही राजधानी लखनऊ को एससीआरडीए का मुख्यालय बनाया जाएगा। 

100 सालों की आवश्‍यकताओं का रखें ध्‍यान 
सीएम योगी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में एससीआरडीए का प्लान तैयार किया जाए। झांसी औद्योगिक विकास प्राधिकरण के बाद एससीआरडीए प्रदेश में नियोजित शहरी विकास का मॉडल होगा। अगले 100 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शहरी विकास की योजना बनाएं, सीएम योगी ने जोर देते हुए कहा कि शहरी विकास की जो भी योजनाएं तैयार हों, उनका आधार निवेश और रोजगार होना चाहिए। 

30 सितंबर तक भेजें मास्‍तर प्‍लान। 
योगी ने कहा कि अमृत योजना के अंतर्गत 59 शहरों के लिए तैयार किया जा रहा मास्टर प्लान शासन को 30 सितंबर तक भेज दें। उन्होंने कहा कि शामली, बड़ौत, चंदौली, गोंडा, एवं अमरोहा में पहली बार मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, इसमें तेजी लाएं। 


नियमों का उल्‍लंघन पर हो कार्रवाई 
साथ ही लोनी और मोदीनगर को गाजियाबाद में इंट्रीग्रेटेड करते हुए एक मास्टर प्लान बनाएं, योगी ने कहा कि जहां पर मास्टर प्लान का नक्शा पास हो गया है, अगर वहां कोई बिल्डर नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। 

विकास की रफ्तार तेज होगी 
माना जा रहा है कि योगी सरकार की इस योजना से इन जिलों में विकास की रफ्तार तेज हो जाएगी। यह भी माना जा रहा है कि 'राज्य राजधानी क्षेत्र' विकसित करने के लिए लखनऊ को आसपास के सभी शहरों से कनेक्ट किया जाएगा और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जाएगा।