मौत आगरा से जयपुर ले गई, ऑपरेशन के बाद भर्ती थी महिला, आग ने कर दिया बेटा-बेटी को अनाथ
सर्वेश नगला हंसराज गांव की रहने वाली थीं। वह कुछ दिन पहले वह अपने बेटे के साथ बाजार गई थीं। रास्ते में बाइक एक हादसे का शिकार हो गई और वह गिर गईं। उनके सिर में चोट आई थी। बेहतर इलाज के लिए उन्हें जयपुर में भर्ती कराया गया था।
मौत आगरा से जयपुर ले गई, ऑपरेशन के बाद भर्ती थी महिला
आगरा: जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में रविवार को हुए अग्निकांड में आगरा की एक महिला की झुलसकर मौत हो गई। इस त्रासदी में सात लोगों की जान गई। यह आग अस्पताल के न्यूरो वार्ड के स्टोर से शुरू हुई थी। इस अस्पताल में आगरा, जयपुर और भरतपुर के मरीज भर्ती थे। इन्हीं में थीं आगरा की सर्वेश (54) जो एक हादसे के बाद यहां इलाज कराने आई थीं। सर्वेश की मौत से उनके बेटा-बेटी अनाथ हो गए। लगभग 4 साल पहले उनके पति की भी मौत हो गई थी।
सर्वेश नगला हंसराज गांव की रहने वाली थीं। वह कुछ दिन पहले वह अपने बेटे के साथ बाजार गई थीं। रास्ते में बाइक एक हादसे का शिकार हो गई और वह गिर गईं। उनके सिर में चोट आई थी। बेहतर इलाज के लिए उन्हें जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया था
यहां पर उनकी सर्जरी हुई थी। वह न्यूरो वार्ड में रिकवर कर रही थीं। लेकिन रविवार को लगी आग की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें बचाया नहीं जा सका। वह अपने पीछे गौरव और बेटी वंदना छोड़ गईं हैं। बेटे गौरव का विवाह हो चुका है और एक छोटी बेटी भी है। वह खेती और मेहनत, मजदूरी करके अपना गुजारा करता है। पहले पिता और इस हादसे में मां को खो देने के बाद वंदना की हालत बहुत खराब है। दुर्भाग्य ने उसे असमय ही अनाथ कर दिया।
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