चंडीगढ़ पंजाब : आम आदमी पार्टी पंजाब सरकार अग्निवीर को चार साल बाद नौकरी देने के प्रस्ताव पास करने में जुटी, विभिन्न विभागों में भर्ती होगे अग्निवीर सैनिक।
पंजाब में अग्निवीरों को 4 साल की नौकरी के बाद विभिन्न विभागों में परमानेंट नौकरी दिए जाने का प्लान बनाया जा रहा है, अभी प्रस्ताव सरकार के पास सैद्धांतिक मंजूरी के लिए भेजा जाना है।
पंजाब चंडीगढ़: देश के युवाओं को अग्निवीर के तहत चार साल नौकरी देने का फैसला किया गया तो इसको लेकर बड़ा बवाल मचा था। देशभर में जगह-जगह पर प्रदर्शन हुए थे, वहीं अब भी लंबे समय से मांग चली आ रही है कि अग्निवीरों की नौकरी को परमानेंट किया जाए। वहीं अब पंजाब सरकार इस मामले में बड़ा फैसला लेते हुए अग्निवीरों को चार साल की नौकरी के बाद पंजाब पुलिस और प्रदेश के अन्य सरकारी विभागों में नौकरी देने का प्लान बना रही है।
तैयार किया गया ये प्रस्ताव
पंजाब सैनिक कल्याण विभाग और पंजाब पूर्व सैनिक कल्याण निगम की ओर से संयुक्त रूप से ये प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसके तहत सैनिक कल्याण विभाग द्वारा पंजाब पुलिस में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित करने के साथ-साथ अन्य विभागों में भी अग्निवीरों के पुनर्वास पर काम करने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही प्रस्ताव में यह भी सिफारिश की गई है कि खाद्य और आपूर्ति, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खनन जैसे अन्य विभागों में ड्राइवरों और निरीक्षकों में अग्निवीरों के लिए कोटा निर्धारित किया जाए, इसके साथ ही प्रदेश के उद्योग विभाग को अग्निवीरों के लिए 5 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की सिफारिश की गई है।
सरकार से मंजूरी के बाद होगी आगे की कार्रवाई
इस प्रस्ताव को पहले प्रदेश सरकार के पास सैद्धांतिक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. यहां से अगर मंजूरी मिल जाती है तो फिर इस प्रस्ताव को रोजगार सृजन और कौशल विकास विभाग और राज्य श्रम विभाग को भेजा जाएगा। जिसके बाद दोनों विभाग मिलकर इसपर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे, इसके बाद ही विभाग में अग्निवीरों के लिए स्पेशल कोटा निर्धारित किया जा सकेगा।
साल 2022 में शुरू हुई थी अग्निवीर योजना
आपको बता दें कि केंद्र की बीजेपी सरकार के द्वारा साल 2022 में अग्निवीर योजना की शुरूआत की गई थी। साल 2026 में पहले बैच के अग्निवीरों के चार साल पूरे होंगे, साल 2022 के अग्निवीर भर्ती के लिए उपलब्ध आकंड़ों के अनुसार पंजाब के करीब 1,818 अग्निवीर साल 2026 में सेवा मुक्त हो जाएंगे।

