इज़राइल फलस्तीन युद्ध: इज़राइल पर भारी पड़ सकती है चंपरपंथी संगठन हमास की गुप्त सेना।
Israel Palestine War
इज़राइल फलस्तीन युद्ध : इजरायल ने गाजापट्टी पर राज करने वाले चंपरपंथी संगठन हमास को खत्म करने की कसम खाई है। हालांकि, इजरायली सेना के लिए यह इतना भी आसान काम नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण हमास की गुप्त सेना है, जिसे वर्षों से ट्रेनिंग देकर तैयार किया गया है। यह नेटवर्क ईरान के साथ-साथ सहयोगी अरब समूहों के छोटे-छोटे देशों तक फैला हुआ है। आज से करीब एक सप्ताह पहले इजरायल जैसे शक्तिशाली देश पर हमास का बड़े पैमाने पर हमला इसी का परिणाम था।
हमास के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता अली बराका ने कहा, "आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है।" हमास के इन लड़ाकों ने लंबे समय से गाजा में सेना को मजबूत करते हुए ईरान और लेबनान के हिजबुल्लाह जैसे क्षेत्रीय संगंठनों से धन और प्रशिक्षण प्राप्त किया है। लेबनान में रहने वाले बराका ने कहा, ''हथियारों के आयात में कठिनाइयों का मतलब है कि पिछले नौ वर्षों में हमने अपनी क्षमताओं को विकसित किया है। हम अब स्थानीय स्तर पर इसके निर्माण में सक्षम हैं।"
उन्होंने हमास की मारक क्षमात की जानकारी देते हुए कहा कि 2008 के गाजा युद्ध के दौरान हमास के रॉकेटों की अधिकतम सीमा 40 किमी (25 मील) थी, लेकिन 2021 के संघर्ष तक यह बढ़कर 230 किमी हो गई थी। 2023 में यह और बढ़ गई है। आपको बता दें कि हमास ने हाल ही में करीब 5000 रॉकेट इजरायल के शहरों पर दागे थे।
हमास के इन लड़ाकों को फिलिस्तिनियों के बीच पहचानना इजरायल के लिए आसान नहीं होगा। एक अधिकारी ने कहा, "यह एक छोटी सेना है, लेकिन इस समूह के पास साइबर सुरक्षा सहित कई विशेषज्ञताओं का प्रशिक्षण देने वाली एक सैन्य अकादमी है। अब इसके करीब 40,000 मजबूत लड़ाके हो चुके हैं।'' इसके विपरीत, Globalsecurity.org वेबसाइट के अनुसार, 1990 के दशक में हमास के पास 10,000 से भी कम लड़ाके थे।
एक रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने 2000 के दशक की शुरुआत से गाजा के नीचे एक सुरंग नेटवर्क का निर्माण किया है, ताकि लड़ाकों को भगाने, हथियार कारखाने स्थापित करने और विदेशों से हथियार लाने में मदद मिल सके। हमास के कार्यकर्ताओं ने कहा है कि इस समूह ने कई प्रकार के बम, मोर्टार, रॉकेट, एंटी-टैंक और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें हासिल कर ली हैं।

