भानुप्रतापपुर के कर्मचारी कालोनी में खिला दुर्लभ प्रजाति वाला ब्रह्मकमल का फूल
भानुप्रतापपुर के कर्मचारी कालोनी में खिला दुर्लभ प्रजाति वाला ब्रह्मकमल का फूल
भानुप्रतापपुर /खिलेश्वर नेताम :- दुनिया में कई तरह के फूल हैं लेकिन सब फूलों का अपनी एक अलग महत्व होती है,वैसे ही एक फूल है ब्रह्मकमल जिसे काफी दुर्लभ प्रजाति के फूल माना जाता है,भारत के हिमाचल, मानसरोवर, उत्तराखंड, सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश, कश्मीर, नेपाल, भूटान, म्यांमार, पाकिस्तान जैसे विभिन्न स्थानों में पाए जाने वाले फूल इन दिनों भानुप्रतापपुर के कर्मचारी कालोनी निवासी शिव कुमार सिंह ठाकुर के घर खिल रहा है । उन्होंने बताया कि यह फूल पिछले 3-4 सालों से अगस्त से सितम्बर के महीनों में रात लगभग 10 -11 बजे के बीच खिलता है,साल में एक बार खिलने वाला यह दुर्लभ फूल सीजन में सिर्फ 7-8 कलियां खिलाता है ।
ब्रह्म कमल का (Brahma Kamal ) आध्यात्मिक महत्व
हिन्दू धर्म में ब्रह्म कमल फूल को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, यह फूल जिस भी घर में खिलता है उस घर में समृद्धि, संपन्नता और अपार धन वृद्धि के योग बनते हैं। इस फूल में साक्षात मां लक्ष्मी का वास होता है। और आध्यात्मिक दृष्टि से, ब्रह्म कमल के फूल का इस्तेमाल धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसमें मन व आत्मा को शुद्ध करने और आंतरिक शांति लाने की शक्ति है। यह भी कहा जाता है कि इसमें नकारात्मक ऊर्जा और बुरी आत्माओं से बचाने की शक्ति होती है।

