हरियाणा में जींद दौड़ेगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, 120KM प्रति घंटे की स्पीड पर होगा ट्रायल-वीडियो
Hydrogen Train Trail News: देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन का हरियाणा में ट्रायल किया जा रहा है। ट्रायल रन में ट्रेन को अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा। यह ट्रेन ट्रायल में हरियाणा के जींद-सोनीपत में सिंगल लाइन पर चलेगी। इस सेक्शन की कुल दूरी 89 किलोमीटर है।
चंडीगढ़/जींद: देश में हाइड्रोजन से जल्द ही ट्रेनों का संचालन शुरू होगा। शुक्रवार को हरियाणा के जींद में देशी की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के स्पीड टेस्ट के ट्रायल की प्रक्रिया शुरू की गई। हाइड्रोजन से चलने वाली यह ट्रेन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। पहली हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल से ट्रांसपोर्ट जगह को कौतुहल से भर दिया है। हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल यह ट्रायल हरियाणा के जींद-सोनीपत रेल सेक्शन पर किया जा रहा है। इस सेक्शन की कुल लंबाई 89 किलोमीटर है। यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर काम करती है, जहां ऑन-बोर्ड हाइड्रोजन गैस हवा की ऑक्सीजन के साथ मिलकर बिजली पैदा करती है और ट्रेन को चलाती है।
कैसे चलेगी यह हाइड्रोजन ट्रेन
हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली यह ट्रेन सिर्फ जल-वाष्प छोड़ती है, जिससे यह जीरो-एमिशन वाला रेल सॉल्यूशन बन जाती है। यह रेल ट्रांसपोर्टेशन में साफ-सुथरे, स्मार्ट और ज्यादा टिकाऊ भविष्य का रास्ता तैयार करेगा। व्यावसायिक रूप से सेवा शुरू होने पर इसकी नियमित अधिकतम गति 75 किमी प्रति घंटा होगी। इस स्वदेशी तकनीक के सफल विकास के साथ भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों (जैसे जर्मनी, चीन, जापान और अमेरिका) के क्लब में शामिल हो गया है। जो हाइड्रोजन परिवहन का उपयोग कर रहे हैं। यह परियोजना भारतीय रेलवे के साल 2030 तक 'नेट-जीरो' (शून्य कार्बन उत्सर्जन) रेलवे बनने के राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
हाइड्रोजन ट्रेन में कुल 10 कोच हैं
वर्तमान में यह ब्रॉड गेज प्लेटफॉर्म पर चलने वाली दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन-सेट है। इस ट्रेन में कुल 10 कोच हैं, जिसमें 8 यात्री डिब्बे और 2 ड्राइविंग पावर कार (DPC) शामिल हैं। इसमें 1200 किलोवाट क्षमता की दो ड्राइविंग पावर कार लगी हैं, जिससे इसकी कुल क्षमता 2400 किलोवाट हो जाती है। इस ट्रेन के लिए हरियाणा के जींद में विशेष रूप से एक हाइड्रोजन प्रोडक्शन और रिफ्यूलिंग प्लांट स्थापित किया गया है, जो पानी से 'ग्रीन हाइड्रोजन' तैयार करेगा। इस अत्याधुनिक ट्रेनसेट के प्राथमिक रखरखाव का काम दिल्ली के शकूर बस्ती शेड में किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री वैष्णव के अनुसार, जर्मनी या चीन जैसे देशों की हाइड्रोजन ट्रेनें 500 से 600 हॉर्स पावर की हैं। इसके विपरीत, भारत द्वारा निर्मित यह इंजन 1,200 हॉर्स पावर (HP) की क्षमता वाला है, जो इस श्रेणी में सबसे पावरफुल है। यह लगभग 2,600 यात्रियों को एक साथ ले जाने में सक्षम है।
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