मोदी सरकार के 'पेपर लीक' मॉडल के चलते जा रही बच्चों की जान, कांग्रेस पार्टी ने 15 छात्रों की आत्महत्या का किया दावा
नीट परीक्षा को लेकर सियासी भूचाल मच गया है। कांग्रेस पार्टी ने इन मौतों को 'हत्या' करार देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रही है। कांग्रेस पार्टी ने दावा करते हुए कहा है कि पेपर लीक के कारण अब तक 15 बच्चों ने अपनी जान दे दी है
नई दिल्ली: नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के कारण छात्रों की आत्महत्या के मामलों पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी इन मौतों को 'हत्या' करार देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रही है। कांग्रेस पार्टी ने दावा करते हुए कहा है कि पेपर लीक के कारण अब तक 15 बच्चों ने अपनी जान दे दी है, लेकिन सत्ता में बैठे नाकारा लोगों के चेहरे पर शिकन तक नहीं आ रही।

राहुल गांधी का दावा- नीट परीक्षा का सेंटर आबूधाबी दे दिया
वहीं कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने एक और दावा करते हुए कहा कि नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था। कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने एडमिट कार्ड डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी। न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुंच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ धीरज test कर रही है। जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर में एक सेंटर नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है - उसे परीक्षा करवाने का कोई हक नहीं।
कोटा में मैंने यही कहा था- यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही
राहुल गांधी ने कहा कि कोटा में मैंने यही कहा था - यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है। हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
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