भोपाल में वेटिंग शिक्षकों ने किया प्रदर्शन,पद बढ़ाने की मांग,नेता प्रतिपक्ष ने समर्थन में सरकार को घेरा
राजधानी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के सामने वेटिंग शिक्षकों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने हाथ में कटोरा लेकर विरोध दर्ज कराया। अभ्यर्थी सरकार से खाली पदों को बढ़ाकर दूसरी काउंसिलिंग कराने की मांग किया।
अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन पर मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नौकरी के मामले में सरकार की लापरवाही के कारण देश के निर्माता "शिक्षक" रो रहे हैं, बिलख-बिलख कर अपना अधिकार मांगने को मजबूर हो गए हैं।
मांगे नहीं मानी तो महिलाएं काराएंगी मुंडन
अभ्यर्थियों ने बताया कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-1, 2023 के लिए दूसरी काउंसलिंग को लेकर सरकार लिखित आश्वासन नहीं दे रही है। और कहा कि अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है, तो सभी महिलाएं मुंडन कराएंगी। सरकार के लिए बेहद शर्म की बात होगी कि महिलाओं को इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
एक भी वेटिंग लिस्ट क्लियर नहीं हुई
अभ्यर्थियों ने बताया कि सरकार जितनी भर्ती निकालती है, कम से कम उन पर तो पूरी तरह भर्ती करें। आज हमारी एक भी वेटिंग लिस्ट क्लियर नहीं हुई है। 8720 पदों में से 2900 पदों को भर दिया गया है, फिर भी हमारी वेटिंग क्लियर नहीं हुई। इतने सारे पद स्कूलों में खाली हैं, क्या उन्हें नहीं भरना चाहिए? सरकार हमें इस तरह सड़कों पर आंदोलन करने के लिए मजबूर न करे। जनजातीय कार्य विभाग में लगभग 15,000 से अधिक पद रिक्त हैं। मांग है कि इन रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार दूसरी काउंसलिंग आयोजित करे।
हजारों प्रतीक्षारत शिक्षक वर्षों से नियुक्ति का इंतजार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-1, 2023 को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा रानी कमलापति स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। गजट पत्र DPI, 27 दिसंबर 2024 के अनुसार, जनजातीय कार्य विभाग में 15,000 से अधिक पद रिक्त हैं, लेकिन मोहन यादव जी और BJP सरकार ने इन्हें केवल आश्वासनों में उलझा रखा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हजारों प्रतीक्षारत शिक्षक वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब उन्हें न्याय की गुहार लगाने के लिए दंडवत पदयात्रा तक करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार युवाओं के भविष्य से कब तक खिलवाड़ करेगी? वादाखिलाफी और बेरुखी की राजनीति अब नहीं चलेगी! मौन यादव जी, आपने कुछ सुना या नहीं?

