बिहार की 5 में से 4 सीटें... जहां सबसे ज्यादा और सबसे कम SIR में डिलीट किए गए नाम, NDA ने दर्ज की जीत
THE BHARAT NEWS
बिहार में एनडीए की जीत के बाद अब चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। नए आंकड़ों के मुताबिक बिहार में जहां SIR में सबसे कम और सबसे ज्यादा नाम डिलीट किए गए, वहां एनडीए ने जबरदस्त जीत दर्ज की है।
बिहार में एनडीए का जबरदस्त जीत पर एक नया आंकड़ा सामने आया है।
नई दिल्ली: बिहार में एनडीए की जीत का सबसे बड़ा क्रेडिट महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर करने वाली योजना को दिया जा रहा है। लेकिन ऐसा नहीं है, जहां महिलाओं ने सबसे ज्यादा वोटिंग की है वहां सिर्फ NDA को ही जीत मिली है। असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM को भी उन 5 में 3 सीटों पर जीत मिली है, जहां महिलाओं की वोटिंग का प्रतिशत सबसे ज्यादा है। इन सीटों के नाम हैं कोचाधामन, बायसी और अमौर। नतीजों के इस ट्रेंड से पता चलता है कि महिला वोटर्स का सीधा कनेक्शन सिर्फ डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर तक सीमित नहीं है।
जेडीयू ने बिहार चुनाव में ठाकुरगंज विधानसभा सीट जीती। यहां 90 फीसदी महिलाओं ने वोटिंग की। इस बीच बीजेपी ने प्राणपुर में जीत दर्ज की। यहां 89% महिलाओं ने वोट डाला। बता दें कि बिहार में कांग्रेस की लीडरशिप में विपक्ष के विरोध के बाद भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) एक्सरसाइज की गई। इसमें NDA गठबंधन की पार्टियों ने उन 5 में से 4 सीटें जीतीं, जहां SIR में सबसे ज्यादा और सबसे कम वोटर हटाए गए थे। खास बात यह है कि कांग्रेस ने किशनगंज सीट पर जीत दर्ज की। ये सीट SIR में के सबसे ज्यादा वोटर हटाने वाली लिस्ट में पांचवे नंबर पर थी। इसके साथ ही चनपटिया वह सीट थी, जो सबसे कम वोटर हटाने वाली लिस्ट में दूसरे नंबर पर थी।
पांच में से 3 सीटों पर BJP ने दर्ज की जीत
बिहार के चुनावी नतीजों पर जारी किए गए चुनाव आयोग के डेटा के मुताबिक BJP ने सबसे ज्यादा वोटर डिलीशन वाली 5 में से 3 सीटों पर जीत दर्ज की। ये सीटें हैं, गोपालगंज, पूर्णिया और मोतिहारी। इसके बाद जेडीयू ने कुचायकोट सीट पर जीत दर्ज की। सबसे कम नेट डिलीशन वाली पांच सीटों की बात करें तो BJP और LJPRV ने दो-दो सीटें जीतीं। इसलिए SIR और पोल के नतीजों को जोड़ने वाले डेटासेट किसी पैटर्न में फिट नहीं होते हैं।
जहां ज्यादा नाम जुड़े, वहां का जानें हाल
एनडीए को मिली सबसे ज्यादा और सबसे कम नाम कटने वाली 4 सीटें (कुल पांच में से) बिहार की 243 सीटों में उसके कुल 83% हिस्से के बराबर हैं। 30 सितंबर से 20 अक्टूबर (दूसरे चरण के लिए नॉमिनेशन की आखिरी तारीख) के बीच बिहार इलेक्टोरल रोल में सबसे ज्यादा नाम जुड़ने वाली पांच विधानसभा में से चार पर अब NDA गठबंधन की पार्टियां रिप्रेजेंट कर रही हैं, जिसमें नौतन और तरारी से BJP के, ठाकुरगंज से जेडीयू के, अररिया से कांग्रेस के और चेनारी से LJPRV के उम्मीदवार चुने गए हैं। इस दौरान जिन सीटों पर सबसे कम नाम जुड़े उन पर अब जेडीयू, बीजेपी और LJPRV रिप्रेजेंट कर रही हैं।
कम मेल वोटिंग परसेंटेज वाली सीटें
सबसे ज्यादा जीत के अंतर वाली पांच सीटों में, रूपौली और गोपालपुर में जेडीयू, दीघा और औराई में बीजेपी और सुगौली में एलजेपीआरवी जीती। सबसे कम जीत के अंतर वाली टॉप 5 सीटों की लिस्ट में संदेश और नबीनगर जेडीयू ने, रामगढ़ बीएसपी ने, अगिआंव बीजेपी ने और ढाका आरजेडी ने जीती है। कांग्रेस ने मनिहारी (ST) सीट जीती, जो उन पांच विधानसभाओं में से आखिरी सीट थी, जहां सबसे ज्यादा मेल वोटिंग परसेंटेज था। BJP ने सबसे ज्यादा मेल वोटर टर्नआउट वाली दो सीटें और सबसे कम मेल वोटिंग वाली तीन सीटें जीतीं। जेडीयू और LJPRV, दोनों ने सबसे ज्यादा और सबसे कम मेल पोलिंग परसेंटेज वाली पांच सीटों में से एक-एक सीट जीती।
सबसे ज्यादा पोलिंग वाली सीटों का हाल
कस्बा सीट, जहां सबसे ज्यादा 81.9% पोलिंग परसेंटेज रहा, LJPRV की झोली में गई। बरारी और ठाकुरगंज विधानसभा क्रमशः 81.7% और 81.6% पोलिंग के साथ जेडीयू के खाते में गए, जबकि कांग्रेस ने किशनगंज में 80.2% के कुल वोटिंग के साथ पांचवां सबसे ज्यादा वोटिंग परसेंटेज हासिल किया। बीजेपी ने सबसे कम पोलिंग परसेंटेज वाली पांच में से चार सीटें जीतीं। कुम्हरार, बांकीपुर, दीघा (सभी पटना में) और बिहारशरीफ। जेडीयू ने नवादा सीट जीती।

