बेटे को अस्पताल ले गया पिता, बोला- इसका पेट..., चेक करते ही डॉक्टर्स की फटी रह गईं आंखें

बेटे को अस्पताल ले गया पिता, बोला- इसका पेट..., चेक करते ही डॉक्टर्स की फटी रह गईं आंखें

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर में एक हैरतअंगेज मामला सामने आया. यहां एक पिता अपने बेटे को अस्पताल लेकर पहुंचे. युवक की हालत इतनी गंभीर थी कि उसे तड़पता देख डॉक्टर्स ने तुरंत एडमिट करने की बात कह दी.

पिता ने डॉक्टर्स को बताया कि इसके पेट में दर्द रहता है. यह दर्द से तड़प रहा है और बेसुध होने की हालत में है. डॉक्टर्स ने जैसे ही युवक का चेकअप किया तो चौंकाने वाली बात सामने आई. उन्होंने जब मरीज के पेट का एक्स-रे निकाला. तो नजारा देखकर दंग रह गए. हैरान करने वाली बात ये है कि युवक के पेट से लोहे के रिंच और नट बोल्ट निकले.

यूपी के अम्बेडकरनगर में मंगलवार को जिला अस्पताल में एक मरीज का ऑपरेशन किया गया तो उस मरीज के पेट से एक दो नहीं बल्कि लोहे के 10 इंस्ट्रूमेंट मिले. जिसमें रिंच और नट बोल्ट शामिल हैं. फिलहाल डॉक्टर के अनुसार मरीज की हालत अब ठीक है. अम्बेडकरनगर जिला अस्पताल में बीते शुक्रवार को एक मरीज को उसके परिजन पेट में दर्द होने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया.

परिवार वालों ने बताया कि इसने कुछ खा लिया है तो डॉक्टर ने इसका एक्सरे और फिर सिटी स्कैन कराया. जिसमें उसके पेट मे रिंच और नट बोल्ट जैसा कुछ दिखा. जिसके बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन की तैयारी शुरू की. उस मरीज का जिला अस्पताल में ऑपरेशन किया गया. जिसमें उसके पेट से रिंच और नट बोल्ट निकाला गया. ऑपरेशन करने वाले जिला अस्पताल के डॉ विपिन वर्मा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत अब ठीक है. उन्होंने बताया कि साइकोलॉजिकल बीमारी के कारण कभी कभी मरीज मिट्टी खाता रहता है. प्लास्टिक की चीजें रेगुलर खाता रहता है. लोहे की चीजें खाने लगता है.

कभी-कभी अपने शरीर के बाल नोच कर खाता है. इसे ट्राइकोवेजारव कहते हैं. मरीज का सफलता पूर्वक ऑपरेशन करके उसके पेट से 6 से 7 रिंच और 3 से 4 नट बोल्ट निकाले गए हैं. उसकी स्थिति अब ठीक है. मरीज के पिता ने बताया कि कोलकाता गया था. वहां से लौटा तो उसकी तबियत खराब हो गई. पहले कई जगह प्राइवेट में दिखाया तो वहां डॉक्टर ने बताया कि पेट मे लोहे की वस्तुएं हैं. तो हमें विश्वास नहीं हुआ. इसके बाद दूसरे डॉक्टर ने कहा कि इसे लखनऊ ले जाइए, लेकिन बाद में यहां आए और इन्होंने टेस्ट के बाद ऑपरेशन किया.