बिहार में बंपर जीत के बीच, एक सीट जहां भाजपा पहुंची थर्ड नंबर पर

Anta By Election Result: बिहार चुनाव नतीजों में जबरदस्त जीत के बीच एक सीट पर बीजेपी तीसरे नंबर पर पहुंच गई। स्थानीय मुद्दों, जातीय समीकरण और मजबूत क्षेत्रीय उम्मीदवारों के कारण मुकाबला कड़ा रहा। पढ़ें वसुंधरा राजे की दमदार उपस्थिति भी प्रत्याशी को जीत नहीं दिला पाई...

बिहार में बंपर जीत के बीच, एक सीट जहां भाजपा पहुंची थर्ड नंबर पर

Anta By Election Result: बिहार चुनाव नतीजों में जबरदस्त जीत के बीच एक सीट पर बीजेपी तीसरे नंबर पर पहुंच गई। स्थानीय मुद्दों, जातीय समीकरण और मजबूत क्षेत्रीय उम्मीदवारों के कारण मुकाबला कड़ा रहा। पढ़ें वसुंधरा राजे की दमदार उपस्थिति भी प्रत्याशी को जीत नहीं दिला पाई...

अंता उपचुनाव परिणाम।

बारां: बिहार में चुनावी नतीजों ने जहां भाजपा को राज्यभर में जोरदार बढ़त दिलाई, वहीं उपचुनाव वाली एक सीट पर तस्वीर बिल्कुल उलटी रही। बिहार में बंपर लहर और उसी अनुसार नतीजे नजर आए हैं वहीं राजस्थान की एकमात्र सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी तीसरे नंबर पर पहुंच गई। हम बात कर रहे हैं अंता विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की। यहां पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी बीजेपी प्रत्याशी मोरपाल को सुमन चुनावी शिकस्त मिलती नजर आ रही है।

यहां मुकाबले की शुरुआत से ही कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया और निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा के बीच कड़ी टक्कर देखी गई। मतगणना के राउंड-दर-राउंड आंकड़ों में दोनों उम्मीदवारों ने बढ़त बनाए रखी, जबकि बीजेपी के मोरपाल सुमन पीछे रह गए। कुल 20 राउंड की मतगणना अब तक 18 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है लेकिन माेरपाल की स्थित निराशा जनक रही है।

अंता उपचुनाव में पहले राउंड की गिनती से ही पिछड़ते चले गए बीजेपी प्रत्याशी मोरपाल सुमन


पहले राउंड से लेकर दसवें राउंड तक भाया और नरेश मीणा के वोट लगातार बढ़ते गए, वहीं भाजपा प्रत्याशी का ग्राफ अपेक्षाकृत धीमा रहा। कई राउंड में तो बीजेपी तीसरे स्थान पर ही दिखाई दी, जो पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।



कांग्रेस से चुनाैती के बीच नरेश मीणा ने बदला समीकरण


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय मुद्दों, जातीय समीकरणों, आक्रामक क्षेत्रीय नेताओं की दखल और कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद जैन भाया की मजबूत पकड़ ने भाजपा के वोट बैंक को प्रभावित किया। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए बीजेपी उम्मीदवार मोरपाल सुमन को तीसरे नंबर धकेल दिया। यही वजह रही कि बिहार में भारी जीत के बीच राजस्थान की यह सीट बीजेपी के लिए अपवाद बन गई। इस परिणाम ने साबित किया है कि बड़े चुनावी रुझानों के बावजूद स्थानीय समीकरण और उम्मीदवार की पकड़ किसी भी सीट पर पूरा खेल पलट सकती है।