उन्नाव : सफीपुर कोतवाली SHO अशोक कुमार सिंह का शव उनके कमरे में लटकता मिला, मौक़े पर SP सिद्धार्थ शंकर मीणा मौक़े पर पहुँचे।

उन्नाव : सफीपुर कोतवाली SHO अशोक कुमार सिंह का शव उनके कमरे में लटकता मिला, मौक़े पर SP सिद्धार्थ शंकर मीणा मौक़े पर पहुँचे।

उन्नाव - सफीपुर SHO कमरे के अंदर लटकता मिला एसएचओ का शव।
पंखे के हुक से लटकता मिला शव।
सिपाही के पहुंचने पर लटकते मिला, निरीक्षक अशोक कुमार सिंह का शव।
एसएचओ की मृत्यु की खबर से पुलिस विभाग में हड़कंप।
एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा, एएसपी मौके पर पहुंचे।
 करीब 11 बजे रात्रि गस्त से लौटे थे वापस।
कुछ दिन पूर्व ही निरीक्षक अशोक कुमार को बनाया गया था कोतवाली सफीपुर का एसएचओ।
जांच में प्रथम दृष्टया पारिवारिक कलह के चलते इंस्पेक्टर द्वारा फांसी लगाने बात आ रही सामने। 
प्रभारी निरीक्षक की मौत की SP ने दिए जांच के आदेश। 

डॉग स्क्वायड व फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर जांच पड़ताल कर इंस्पेक्टर के मोबाइल को जब्त किया। 

इंस्पेक्टर के मोबाइल में घटना से पहले लास्ट कॉल की डिटेल पत्नी की पाई गई है। 

पारिवारिक कलह आत्महत्या की बताई जा रही है वजह।

अशोक कुमार का 20 दिन पहले लखीमपुर से उन्नाव ट्रांसफर हुआ था। उन्हें सफीपुर कोतवाली का प्रभारी बनाया गया। एएसपी ने बताया कि रात में गस्त करके वापस आए थे। उन्होंने 12 बजे हमराही सिपाहियों को फिर गश्त के लिए बुलाया था। इस बीच परिवार से फोन आया, जिसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली। डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया। सभी पहलुओं पर जांच हो रही है।

2012 बैच के दारोगा
अमरोहा जिले के रहने वाले अशोक कुमार 2012 बैच के दारोगा थे। उन्नाव से पहले उनकी पोस्टिंग लखीमपुर में थी। दारोगा से पदोन्नति मिलने के बाद इंस्पेक्टर बने थे। 20 दिन पूर्व उन्नाव ट्रांसफर किया गया था। यहां पर उन्हें सफीपुर कोतवाली प्रभारी बनाया गया। इंस्पेक्टर की आत्महत्या करने से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।