उन्नाव : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का उड़ा रहे मज़ाक़ रसूलाबाद सहित 87 गाँव में बिजली आपूर्ति ठप्प।

उन्नाव : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का उड़ा रहे मज़ाक़ रसूलाबाद सहित 87 गाँव में बिजली आपूर्ति ठप्प।

उन्नाव : पॉवर हाउस मियागंज के अंतर्गत आने वाले क़स्बा रसूलाबाद सहित क़रीब दर्जनों गाँवों में अंधेरा उपभोक्ता परेशान।

उन्नाव : मियागंज पॉवर हाउस नगर पंचायत रसूलाबाद सहित करीब 87 गाँवों में छाया अंधेरा ज़िम्मेदारी नाम की कोई चीज नही है मुख्यमंत्री के आदेश का पालन बिजली विभाग करने में नाकाम, उपभोक्ता का कहना है शाम 5 बजते है बिजली का आना जाना शुरू हो जाता है कभी आधा घंटा कभी पन्द्रह मिनट कहीं बीस मिनट इस तरह मिलती है सप्लाई, सम्पूर्ण सप्लाई भगवान भरोसे मिलती है क़िस्मत से, कब मिलेगी पता नही भगवान भरोसे, सबसे अधिक समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में जहां अधिकांश कच्चे घरों में लोग जीवन यापन कर रहे है अधिक वर्षा के कारण जितने भी साँप बिच्छू आदि हानिकारक जीव जन्तु घरों में घुसने का प्रयास कर रहे है रात के अंधेरे में किसी को भी नुक़सान पहुँचा सकते है जिसका ज़िम्मेदार मियागंज पॉवर हाउस में बैठे अधिकारी होगें। बिजली व्यवस्था में बदलाव आज से नही क़ई सालो से है जेई बदल गए एसडीओ बदल गए लेकिन नही बदली तो बिजली व्यवस्था का रूप नही बदला आज भी जर्जर लाइनों पर काम चल रहा है, जो आय दिन फ़ॉल्ट में आया करती है जिसके ज़िम्मेदार जेई है, बिजली व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी है रसूलाबाद फीडर अलग करने के बजाए क़रीब 87 गाँव इसी फ़ीडर पर कर दिए गए है यदि समस्या 8km होगी तो बिजली पूरी तरह से ठप्प रहेगी, कई बार शिकायत की लेकिन सुनवाई के नाम पर केवल विभाग लीपापोती में लग जाता है ज़िम्मेदार आराम से पंखे की हवा लेते रहते है उपभोक्ता बेचारा अंधेरे में रहने को मजबूर जिस उपभोक्ता के पैसो से विभाग चल रहा है उसी उपभोक्ता को अंधेरे में सोने को मजबूर होना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशो का अधिकारी उड़ा रहे है मज़ाक़। 
आज क़रीब 11 बजे बड़ी लाइन फ़ॉल्ट की सूचना मिली - लेकिन बड़ी लाइन क्यों फ़ॉल्ट हुई उसका ठोस कारण कोई नही बता रहा - जबकि उर्जा मंत्री ए के शर्मा का साफ साफ निर्देष जो लाइनें जर्जर है जहां ट्रांसफ़रर्म में गड़बड़ी हो उनको तुरंत बदलवाने का कार्य किया जाए लेकिन अधिकारी मन मर्ज़ी करने पर अमादा है उनसे नही मतलब जनता सोए य जागे उन्हें तो हवा पंखे AC की मिलनी चाहिए बस, मुख्यमंत्री के आदेश की उड़ा रहे है धज्जियाँ, उपभोक्ता यदि ट्विटर पर य 1912 पर शिकायत करता है तो अधिकारी उनपर दबाव बनाते है ताकि उपभोक्ताओं को डराया जाए ताकि उनकी हिम्मत न हो दोबारा शिकायत करने की।