BJP ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस बनाया

BJP ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस बनाया

Chittorgarh News: भारतीय जनता पार्टी कमांड मंडल कार्यालय पारसोली पर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मंडल अध्यक्ष शंकर लाल कुमावत ने बताया कि 1950 में भारत की दशा दयनीय थी। इससे डॉ. मुखर्जी के मन को गहरा आघात लगा। उनसे यह देखा न गया और भारत सरकार की अहिंसावादी नीति के फलस्वरूप मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देकर संसद में विरोधी पक्ष की भूमिका का निर्वाह करने लगे। एक ही देश में दो झंडे और दो निशान भी उनको स्वीकार नहीं थे। अतः कश्मीर का भारत में विलय के लिए डॉ. मुखर्जी ने प्रयत्न प्रारंभ कर दिए। इसके लिए उन्होंने जम्मू की प्रजा परिषद पार्टी के साथ मिलकर आंदोलन छेड़ दिया।

अटलबिहारी वाजपेयी (तत्कालीन विदेश मंत्री), वैद्य गुरुदत्त, डॉ. बर्मन और टेकचंद आदि को लेकर आपने 8 मई 1953 को जम्मू के लिए कूच किया। सीमा प्रवेश के बाद उनको जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। 40 दिन तक डॉ. मुखर्जी जेल में बंद रहे और 23 जून 1953 को जेल में उनकी रहस्यमय ढंग से मृत्यु हो गई। 

बेगू विधान सभा मिडिया राजू धाकड़ ने बताया कि केवल जीवन के आधे ही क्षण व्यतीत हो पाए थे कि हमारी भारतीय संस्कृति के नक्षत्र अखिल भारतीय जनसंघ के संस्थापक तथा राजनीति व शिक्षा के क्षेत्र में सुविख्यात डॉ. मुखर्जी की 23 जून, 1953 को मृत्यु की घोषणा की गईं। बंगाल ने कितने ही क्रांतिकारियों को जन्म दिया है, उनमें से एक महान क्रांतिकारी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी थे। बंगभूमि से पैदा डॉ. मुखर्जी ने अपनी प्रतिभा से समाज को चमत्कृत कर दिया था। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी कमांड मंडल कमांड मंडल अध्यक्ष शंकर कुमावत साडास मंडल अध्यक्ष संजय जी वैष्णव नंदवाई मंडल अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह चुंडावत उप प्रधान गोदु लाल गुर्जर , महामंत्री बद्रीलाल घटियाणी , विशाल पितलिया , लालाराम कुमावत, मिडिया प्रभारी राजु धाकड एवं पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।