उत्तर प्रदेश रामपुर : आज़म खान की मुश्किलें फिर से बड़ी, सरकारी राशि के दुरुपयोग की ED करेगी जाँच।
Uttar Pradesh Rampur
उत्तर प्रदेश : रामपुर सपा के कद्दावर नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, आयकर विभाग ने जौहर विश्वविद्यालय में सरकारी पैसे के दुरुपयोग का दस्तावेज प्रवर्तन निदेशालय को सौंप दिया है।
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में नियमों को ताक पर रखते हुए छह विभागों ने 106 करोड़ रुपये लगा दिए, सपा नेता आजम खान के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी में मिले दस्तावेजों से ये खुलासा हुआ है। बताया जाता है कि जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस, पीडब्ल्यूडी, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण विभाग और संस्कृति विभाग ने मनमाने तरीके से करोड़ों रुपये से निर्माण कराया, आयकर विभाग ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला पाए जाने पर जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी को सुपर्द कर दी है।
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में कैसे लगे 106 करोड़।
सरकारी महकमों को सवाल-जवाब के लिए तलब भी किया गया है, जानकारी मांगी गई है कि किस नियम और आदेश के तहत सरकारी खजाने से निजी विश्वविद्यालय में बड़ी रकम लगाई गई, बता दें कि आयकर विभाग की टीम ने 13 सितंबर को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर छापेमारी की थी।
सपा के कद्दावर नेता आजम 2012 से 2017 तक अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। उनके पास आवास एवं नगर विकास विभाग का जिम्मा था, इस महकमे के अधीन आने वाले जल निगम, सीएंडडीएस और पीडब्ल्यूडी ने बिना किसी रोक-टोक मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट संचालित निजी विश्वविद्यालय में रकम लगाई, सीएंडडीएस ने 35.5 करोड रुपये से एसटीपी का निर्माण कराया, लोक निर्माण विभाग ने 17.16 करोड़ रुपये से परिसर के अंदर सड़क चौड़ीकरण करवाया।
आयकर विभाग ने गड़बड़ी के सबूत ईडी को सौंपे।
जल निगम के परियोजना प्रबंधक ने जौहर विश्वविद्यालय के करीब रामपुर सीवरेज योजना पर 46.86 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, जल निगम के अधिशासी अभियंता ने ग्राम सीगनखेड़ा में विस्तार कार्य के लिए 6.7 करोड रुपये खर्च किए। तीन नलकूप, तीन पंप हाउस और दो पानी की टंकियां भी बनाई गईं, हैरानी की बात है कि निर्माण कार्यों के लिए शासनादेश या नियम का अनुपालन नहीं किया गया, ऊपर से आए आदेश पर काम करा दिए गए।
मामले में वित्तीय स्वीकृति के साथ ही भुगतान भी कर दिया गया, आयकर विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि मामला सरकारी धन शोधन का है और ये निजी विश्वविद्यालय में प्रयोग किया गया. दस्तावेज ईडी के केंद्रीय कार्यालय को भेज दिए गए हैं, मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर आजम खान से पूछताछ की जाएगी, आयकर विभाग ने दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए सभी संबंधित विभाग और मुख्य सचिव को भी पत्र भेजा है।

