उत्तर प्रदेश कुशीनगर: पशु तस्कर को घेरने के लिए पहली बार महिला पुलिस टीम का उपयोग किया, पुलिस अधीक्षक भी रहे साथ में।

Uttar Pradesh Kushinagar

उत्तर प्रदेश कुशीनगर: पशु तस्कर को घेरने के लिए पहली बार महिला पुलिस टीम का उपयोग किया, पुलिस अधीक्षक भी रहे साथ में।

उत्तर प्रदेश कुशीनगर जिले के पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने बीती रात एक पशु तस्कर को घेरने के लिए पहली बार महिला पुलिस टीम का उपयोग किया. तस्कर को पकड़ने में मिली कामयाबी के बाद पूरे प्रदेश में इस विषय पर चर्चा शुरु हो गयी और प्रदेश के डीजीपी लॉ एन्ड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने पुलिस अधीक्षक की पहल की तारीफ की है, उन्होंने इसे नारी सशक्तिकरण से जोड़ते हुए गर्व का विषय बताया। 

बताते चलें कि कुशीनगर जिले में बीती रात रामकोला थाना क्षेत्र के अमरडीहा पुल के पास 25 हजार का इनामी पशु तस्कर इमाम उर्फ बिहारी पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया, मुठभेड़ करने वाले टीम में महिला पुलिस की भी बड़ी भूमिका बताई गई, इस बदमाश को पकड़ने में दो थानाध्यक्षों और स्वाट टीम के साथ ही एक महिला थानाध्यक्ष और महिला पुलिस कर्मियों को भी लगाया गया था, पुलिस की मानें तो इनामी बदमाश इमाम उर्फ बिहारी के महराजगंज की तरफ जाने की सूचना मिली और फिर पुलिस टीम ने उसके घेराबंदी का प्लान बनाया। 

मुठभेड़ में पैर पर लगी गोली

जानकारी के अनुसार इस तरह के मुठभेड़ों में हमेशा पुरुष थानाध्यक्षों को ही आगे रखे जाने की परम्परा रही है, लेकिन एसपी धवल जायसवाल का महिला पुलिस को मुठभेड़ में शामिल करना चर्चा का विषय बन गया है. ताजा मुठभेड़ के घटनाक्रम में उक्त बदमाश की गाड़ी को जब रोकने का प्रयास पुलिस ने किया, तब उसने उतरकर फायर करते हुए भागना शुरू कर दिया, लेकिन मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में दबोचने में सफलता मिल गयी। 

बैरिकेडिंग को तोड़कर की भागने की कोशिश

पुलिस अधीक्षक धवल जयसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जनपद कुशीनगर के रामकोला क्षेत्र में एक संदिग्ध अपराधी की गतिविधियां देखी गई। इसी क्रम में वहां पर पुलिस की ओर से सघन चेकिंग और बैरिकेडिंग की गई थी। यहां पर उस अपराधी द्वारा पुलिस बैरिकेडिंग को तोड़कर फायरिंग की गई, जिसकी जवाबी कार्रवाई में आत्मरक्षा में पुलिस टीम की ओर से फायरिंग की गई जिसमें ये अपराधी घायल हुआ। 

उन्होंने बताया कि 25 हजार रुपए का इनामी बदमाश पर गोरखपुर, संतकबीरनगर  और कुशीनगर जनपद में एक दर्जन से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। इस पूरे पुलिस मुठभेड़ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका पूरा नेतृत्व महिला पुलिसकर्मियों की ओर से किया गया। पांच महिला पुलिस कर्मियों की टीम ने इस मुठभेड़ को अंजाम दिया है, वहीं शातिर गौतस्कर को पकड़ने में सक्रिय भूमिका निभाई है।