तुम मुझे खून दो तब लाऊंगा बारात, बिहार में अनोखी शादी

तुम मुझे खून दो तब लाऊंगा बारात, बिहार में अनोखी शादी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश को गुलामी की जंजीर से मुक्त कराने के लिए एक नारा दिया कि ''तुम मुझे खून दो और मैं तुम्हे आजादी दूंगा।'' नेताजी के आह्वान का असर यह हुआ कि मातृभूमि पर अपनी जान को कुर्बान होने के लिए लाखों युवा उनके साथ जुड़े और आजाद हिंद फौज का निर्माण हुआ। फिर देश की आजादी में आजाद हिंद की निर्णायक भूमिका रही। ठीक उसी तर्ज पर औरंगाबाद में भी एक शादी ऐसी हुई जहां दूल्हे ने यह शर्त रख दी कि तुम मुझे खून दो और मैं आपके घर बारात लाऊंगा। यहां खून देने का तात्पर्य रक्तदान से था और दुल्हन के घर वालों ने इसे सहर्ष स्वीकार भी किया। फिर काफी हर्षोल्लास से न सिर्फ शादी हुई बल्कि बाराती और सरातियों ने जमकर रक्तदान किया और 70 यूनिट से अधिक रक्त पटना के ब्लड बैंक को सुपुर्द किया जिससे रक्त की कमी से जूझ रहे लोगों की जान बच सके। जिले में आयोजित इस शादी की जमकर चर्चा हो रही है।