चीन की बड़ी द‍िक्‍कत अमेरिका ने खुद खत्‍म की, Nvidia की H200 AI चिप्स इस्‍तेमाल कर पाएगा भारत का पड़ोसी

चीन की बड़ी द‍िक्‍कत अमेरिका ने खुद खत्‍म की, Nvidia की H200 AI चिप्स इस्‍तेमाल कर पाएगा भारत का पड़ोसी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन को एडवांस्ड AI चिप्स बेचने की अनुमति दे दी है। इससे Nvidia जैसी अमेरिकी कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिका की AI में बढ़त बनाए रखने के लिए लिया गया है।

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन और Nvidia की एक बड़ी परेशानी दूर कर दी है। उन्होंने Nvidia जैसी अमेरिकी चिप कंपनियों को चीन को एडवांस्ड AI चिप्स H200 बेचने की अनुमति दे दी है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर बताया है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करेंगे, अमेरिका में नौकरियां पैदा करेंगे और AI में अमेरिका की बढ़त बनाए रखेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह AMD जैसी दूसरी US चिप कंपनियों पर भी लागू होगा। ट्रम्प ने यह फैसला Nvidia के CEO और प्रेसिडेंट Jensen Huang की लॉबिंग के बाद लिया है। बता दें कि पिछले हफ्ते जेन्सेन हुआंग इस मामले में सपोर्ट जुटाने के लिए वाशिंगटन भी गए थे।

 

पहले बीजिंग में चिप बेचना था मना

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Nvidia दुनिया की लीडिंग चिप फर्म है। इस कंपनी को बीजिंग को अपने सबसे एडवांस्ड चिप्स बेचने से बैन कर दिया गया था। यह फैसला Nvidia के CEO हुआंग के वाशिंगटन में लॉबिंग करने के बाद आया है।



जुलाई में हटा दी गई थी रोक

जुलाई में ट्रम्प ने चिप बेचने पर लगी रोक को हटा दिया था, लेकिन इसके लिए एक शर्त रखी थी। उनकी शर्त थी कि Nvidia को चीन से होने वाली कमाई का 15% अमेरिकी सरकार को देना होगा। इसके बाद, बीजिंग ने अपनी टेक कंपनियों को Nvidia के चिप्स खरीदने से मना कर दिया था।



चीन कर रहा अमेरिका की बराबरी

BCC की रिपोर्ट (Ref) के अनुसार, हुआंग ने सितंबर में बताया कि अमेरिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चीन सहित दुनिया भर के लोग इस तकनीक तक पहुंच सकें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि चीन चिप डेवलपमेंट में अमेरिका के बहुत करीब आ रहा है।



बढ़ गए कंपनी के शेयर

Nvidia ने सोमवार को Trump द्वारा की गई घोषणा पर खुशी जताई। कंपनी ने यह एक संतुलित कदम है, जो अमेरिका के लिए बहुत अच्छा है। इस खबर से Nvidia के शेयरों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 25% (sic) अमेरिका को भुगतान किया जाएगा।


घेरलू स्तर पर बनी सेमीकंडक्टर चिप खरीदने के लिए किया प्रोत्साहित

सिंगापुर के नेशनल यूनिवर्सिटी के Alex Capri का कहना है कि कुछ चीनी ग्राहकों को H200 चिप्स बेचने से अमेरिका को चीन के साथ दुर्लभ पृथ्वी खनिजों पर बातचीत करने का समय मिलेगा। इससे ग्लोबल आपूर्ति श्रृंखलाओं में बड़ी रुकावटों को रोका जा सकेगा। कैपरी का मानना है कि भले ही H200 चिप्स से चीन के तकनीकी क्षेत्र को लाभ होगा, लेकिन बीजिंग अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए काम करता रहेगा।