यूरोप के रणनीतिक मिशन पर विदेश मंत्री जयशंकर,आतंकवाद के खिलाफ कूटनीतिक जंग, फ्रांस की यात्रा से कांपेगा पाकिस्तान
विदेश मंत्री एस जयशंकर यूरोप के एक हफ्ते के दौरे पर जा रहे हैं, जहां वे फ्रांस, बेल्जियम और यूरोपीय संघ के साथ बातचीत करेंगे। यह दौरा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने के अवसर पर हो रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर
नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर यूरोप के दौरे पर जा रहे हैं। एक हफ्ते का यह दौरा रविवार से शुरू होगा। इस दौरे में वे फ्रांस, बेल्जियम और यूरोपीय संघ (EU) के साथ बातचीत करेंगे। हाल ही में Operation Sindoor के दौरान भारत ने सीमा पार आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष हुआ। भारत ने पाकिस्तान के एयर बेस और सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले करके उन्हें तबाह किए। बाद में पाकिस्तानी सेना के डीजीएमओ के अनुरोध पर सीजफायर की घोषणा की गई। उसके बाद से भारत की ओर से लगातार कूटनीतिक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ा जा रहा है।
भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी के 25 साल
ET की रिपोर्ट के मुताबिक अपने दौरे के पहले चरण में Foreign Minister Jaishankar फ्रांस जाएंगे। फ्रांस यूरोप में भारत का सबसे मजबूत साथी है। भारत और फ्रांस ने रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर जयशंकर मार्सिले में आयोजित भूमध्यसागरीय रायसीना संवाद (Mediterranean Raisina Dialogue) के उद्घाटन संस्करण में भाग लेंगे
ऑपरेशन सिंदूर में भी भारत-फ्रांस सहयोग की दिखी धमक
जयशंकर फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारोट के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। वे फ्रांस के वरिष्ठ नेताओं से भी मिलेंगे और थिंक टैंक के साथ बातचीत करेंगे। भारत और फ्रांस कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर एक जैसी सोच रखते हैं। भारतीय सेना फ्रांसीसी निर्माताओं से अत्याधुनिक तकनीक और हथियार खरीदती है। पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में फ्रांस के राफेल लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए सफलतापूर्वक किया गया था।
अपने सैन्य भंडार को भरकर रखना चाहता है भारत
भारत अपने हथियारों के भंडार को फिर से भरना चाहता है। इसलिए, भारत अतिरिक्त स्कैल्प (SCALP) मिसाइलों के लिए ऑर्डर दे रहा है। इन मिसाइलों का इस्तेमाल पाकिस्तान में एयरबेस और आतंकी शिविरों को निशाना बनाने के लिए जबरदस्त ढंग से किया गया था। भारत हवा से हवा में मार करने वाली Mitior Missile भी खरीदेगा। ये मिसाइलें पाकिस्तानी वायु सेना की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले चीनी और अमेरिकी सैन्य उपकरणों से बेहतर हैं। ऑपरेशन सिंदूर अभी तक खत्म नहीं हुआ है इसलिए इन अत्याधुनिक सैन्य हथियारों कीजल्दी है।
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद होगा दौरा
बेल्जियम के साथ जयशंकर आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने पर ध्यान देंगे। वे यूरोपियन यूनियन के साथ रणनीतिक वार्ता भी करेंगे। इस दौरान कई मुद्दों पर बातचीत होगी और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। यह दौरा भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे यूरोप के साथ भारत के संबंध और मजबूत होंगे। साथ ही, भारत की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 'यह दौरा भारत की विदेश नीति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।' जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में भारत और यूरोप के बीच सहयोग और भी महत्वपूर्ण हो गया है। इस दौरे से भारत और यूरोप के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, दोनों पक्ष आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हो सकते हैं।

