*नवगठित मऊगंज जिले में विधानसभा अध्यक्ष ने किया ध्वजारोहण सांसद और क्षेत्रीय विधायक की उपेक्षा और भारी अव्यवस्था के बीच कार्यक्रम का हुआ समापन*

मऊगंज। भारत की आजादी का 77 वां स्वतंत्रता दिवस आज पूरे देश में धूमधाम एवं उल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के नवगठित 53 वें मऊगंज जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण किया परेड का निरीक्षण कर मार्च पास्ट की सलामी ली।। भारत की आजादी का 77 वां स्वतंत्रता दिवस आज पूरे मऊगंज जिले में धूमधाम एवं उल्लास से मनाया गया। और ध्वजारोहण कर शहीदों को याद किया। और उन्होंने कहा कि आजादी के पावन अमृत महोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि 77 वर्ष पूर्व हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने इस देश को एक स्वतंत्र देश बनाने का गौरवशाली काम किया।उन्होंने देश की आजादी के लिए प्राणों को न्योछावर करने वाले सभी शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन उन बहादुरों को नमन करने का भी है जिन्होंने आजादी के बाद देश की एकता व अखंडता को बनाए रखने और सीमाओं की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया है। इस 76 वर्ष के लंबे सफर में भारत ने बड़े बदलाव देखे हैं। उन्होंने आजादी के लिए अपना बलिदान देने वाले भारत माता के उन वीर सपूतों व आजादी के बाद मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों को नमन किया। श्री गौतम ने मुख्यमंत्री के संदेश वाचन किया और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रहित में किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह के नेतृत्व में जनता के हितार्थ राज्य में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इस अवसर पर लाडली बहना योजना व स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभागों द्वारा झांकी निकाली गई। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा संस्कृति कार्यक्रम की प्रस्तुतियां दी गई।

*नवगठित मऊगंज जिले में विधानसभा अध्यक्ष ने किया ध्वजारोहण सांसद और क्षेत्रीय विधायक की उपेक्षा और भारी अव्यवस्था के बीच कार्यक्रम का हुआ समापन*

*इनकी विशेष उपस्थिति रही*
उक्त कार्यक्रम में मऊगंज अपर सत्र न्यायालय के प्रभारी अधिकारी आदेश कुमार जैन, द्वितीय जिला न्यायाधीश श्री अनिल कुमार व सभी न्यायिक दंडाधिकारी,एवं रीवा सांसद  जनार्दन मिश्रा, क्षेत्रीय विधायक पटेल,पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी,भाजपा प्रदेश मंत्री राजेश पाण्डेय,कमिश्नर रीवा, एडीजी वेंकटेश्वर राव,मऊगंज कलेक्टर अजय श्रीवास्तव,एसपी वीरेन्द्र जैन समेत क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व तमाम प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी भव्य कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

रीवा से अलग हो मध्य प्रदेश का 53 वां जिला बना मऊगंज 15 अगस्त को अस्तित्व में आ गया है. जहां पर जन जन में भारी उत्साह के बीच बड़े हर्षोल्लास से  संपन्न तो जरूर हो गया।लेकिन उसके साथ ही कई तरह की टीस भी छोड़ दी है।
*अव्यवस्था को लेकर  प्रशासन की हुई किरकिरी*
यह कार्यक्रम मऊगंज के लिए बड़ा ही ऐतिहासिक रहा पर आयोजन में प्रशासन की अव्यवस्था के चलते लोगो के बीच खूब किरकिरी हुई. जिस भाजपा विधायक ने मऊगंज जिला निर्माण में अपनी पूरी ताकत झोंककर मुख्यमंत्री से जिला घोषित कराया.लेकिन कार्यक्रम दौरान आज वही विधायक अफशरशाही का शिकार हो गए. जिसको लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश है।हद तो तब हो जाती है जब रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा की भी जमकर उपेक्षा हुई. यहां पर पत्रकार भी पूरे कार्यक्रम दौरान मैदान में खड़े दिखे जिन्हें प्रशासन के तरफ से उन्हें कुर्सी तक उपलब्ध नहीं कराई गई. मंच से काफी दूर कड़ी धूप में पत्रकार लिखा एक बैनर कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहा था पर खोजी पत्रकार भी कुर्सियों की तलाश नहीं कर पाए.  मऊगंज के भाजपा विधायक प्रदीप पटेल एक सप्ताह से परेड मैदान का निरीक्षण करते हुए कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए कोई कोर कसर नही छोड़ी. लेकिन कार्यक्रम दौरान उन्हें भी यथोचित स्थान पर कुर्सी तक नसीब नहीं हुई. काफी समय तक वे मैदान में आम नागरिक की तरह भीड़ के बीच खड़ा होकर अपने परिवार के साथ कार्यक्रम देखते रहे. फिर कार्यकर्ताओं की जिद के बाद वे मंच की तरफ पहुंचे और पहले से ही विराजमान सांसद जनार्दन मिश्रा वा महिला नेत्री संतोष सिंह सिसोदिया उन्हें स्थान देकर बैठाया पर मंच से रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और मऊगंज के क्षेत्रीय विधायक प्रदीप पटेल का नाम तक नही लिया गया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद ही रीवा सांसद और मऊगंज भाजपा विधायक की उनके ही सरकार में हुई उपेक्षा जन चर्चा का विषय बन गया. मऊगंज विधानसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता सहित आम नागरिक भी सांसद और विधायक की हुई उपेक्षा को लेकर प्रशासन के खिलाफ आक्रोशित दिखाई दे रहे हैं. सांसद विधायक की हुई उपेक्षा में सबसे बड़े दोषी कहीं ना कहीं मऊगंज एसडीएम बीके पाण्डेय को माना जा रहा है क्योंकि कलेक्टर और एसपी 14 अगस्त की शाम मऊगंज पहुंचे थे. सारी व्यवस्था एसडीएम की ही देख रेख में हो रही थी उनके ही अनुसार पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई थी. इसलिए रीवा सांसद और मऊगंज के भाजपा विधायक की उपेक्षा करने में एसडीएम का नाम सामने आ रहा है। अगर अधिकारियों द्वारा इसी तरह विधायक एवं सांसद की उपेक्षा होती रही तो कहीं ना कहीं इसका सीधा प्रभाव आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।
*बच्चों का भी रहा बुरा हाल*
यहां की अव्यवस्था से स्कूली बच्चे भी अछूते नहीं रहे। इस कार्यक्रम के दौरान सबसे बुरा हाल बच्चों का रहा बच्चों को पानी तक नहीं नसीब हुआ एक घूंट पानी मऊगंज जिला बनने की खुशी में सरकारी सहित प्राइवेट विद्यालय के छात्र लगभग 1 हफ्ते से परेड मैदान में रिहर्सल कर रहे हैं और पुलिस जवानों के साथ कदम से कदम मिलाकर अपना दमखम दिखा रहे हैं. आज जब मऊगंज जिला बनने की बारी आई तो हजारों की संख्या में छात्र परेड करने पहुंचे लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें एक घूंट पानी तक भी नहीं दिया गया. जिसके कारण मैदान में ही चक्कर खाकर करीब दर्जन भर से अधिक बच्चे गिरने लगे।

*शहीदों के परिजनों का अपमान का लगा आरोप*
  शहीदों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मान को लेकर सूची बनवाई गई थी।  समाजसेवी संतोष मिश्रा ने मऊगंज एसडीएम पर शहीदों के परिजनों का आरोप लगाते कहा  कि उन सभी को सूचना दी गई सभी मऊगंज पहुंचकर कार्यक्रम को देखा लेकिन उनको बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी और आमंत्रण पत्र में सम्मान का समय निर्धारित था। लेकिन एसडीएम ने बिना सम्मान किए कार्यक्रम के समापन की घोषणा कर दी अंत में जब सभी शहीदों के परिजनों ने हंगामा खड़ा किया तब आनन-फानन में श्री शैलेंद्र सिंह अपर कलेक्टर द्वारा सम्मानित किया गया और अपनी कमी महसूस की गई। श्री मिश्र ने कहा कि  इस प्रकार से एसडीएम द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों घोर अपमान किया है।