दोस्त ही निकले लापता मनोज शर्मा की जान के दुश्मन, पहले शराब पी फिर गमछे से गला दबाकर की हत्या*
मेरठ के रोहटा थानाक्षेत्र के गांव मीरपुर निवासी लापता चल रहे मनोज शर्मा की हत्या हुई थी। पुलिस ने मामले में बड़ा खुलासा करते हुए उसे दोस्तों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने पूछताछ में हत्या को अंजाम देना कबूल किया है।
मेरठ के रोहटा थानाक्षेत्र के गांव मीरपुर निवासी लापता चल रहे मनोज शर्मा का 10 दिन बाद रोहटा के जंगल में ईख के खेत में मिट्टी में दबा हुआ सड़ा गला शव गुरुवार की अल सुबह मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने बताया की उसके दोस्तों ने पहले मिलकर शराब पी और उसके बाद कुछ कहासुनी होने पर उसके ही गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। और शव को ईख के खेत में 4 फुट गहरा गड्ढा कर दबा दिया। हत्या में शामिल उसके एक दोस्त को हिमाचल से पकड़ने पर पुलिस ने मामले से पर्दा उठा दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव मीरपुर थाना रोहटा जिला मेरठ निवासी मनोज शर्मा पुत्र राजकुमार शर्मा (40) मेरठ बागपत रोड स्थित पांचली खुर्द गांव में जानकी पेपर मिल में मशीन ऑपरेटर के पद पर नौकरी करता था।मनोज शर्मा 21 जून को अपनी ड्यूटी करने के उपरांत शाम 7:00 बजे फैक्ट्री से घर के लिए चला था। लेकिन वह देर रात्रि तक भी जब वह वापस घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और अगले दिन उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए तहरीर रोहटा थाने में दी। रोहटा पुलिस ने मामला जानी थाने का बता चलता कर दिया। उसके बाद पीड़ित ने जानी थाने में जाकर गुमशुदगी दर्ज कराई। उसी दिन से परिजन तलाश कर रहे थे। लेकिन कहीं भी मनोज शर्मा का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
बुधवार को भाजपा नेता आकाश शर्मा के नेताओं में कुछ ग्रामीण मेरठ एसएसपी से मिले। और मनोज की हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। और चेतावनी दी थी कि यदि तीन दिन में पुलिस ने घटना का खुलासा नहीं किया तो ग्रामीण सड़कों पर उतरेंगे। उसके बाद कप्तान रोहित सिंह सजवान ने जानी पुलिस से पूरे मामले से जानकारी जुटाई और तत्काल मामले का खुलासा करने का फरमान जारी किया।
अधिकारियों की फटकार के बाद जानी पुलिस ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल निकालकर उसके मोबाइल पर अंतिम बार की गई कॉल करने वालों की तलाश करनी शुरू कर दी। और उनमें से उसके एक दोस्त पवन गिरी पुत्र सुंदर गिरी निवासी मीरपुर की लोकेशन निकलवाई तो उसकी लोकेशन हिमाचल में मिली।
पुलिस ने रात में ही हिमाचल में छापा मारकर पवन गिरी को अपने कब्जे में ले लिया और जैसे ही उससे रास्ते में पूछताछ की तो उसने अपने ही गांव के दो दोस्तों हर्ष गिरी पुत्र भागेश गिरी व गोलू जाट पुत्र बिंदर जाट के साथ मिलकर मनोज शर्मा की रोहटा के जंगल में उसी के गमछे से गला दबाकर हत्या किए जाने की घटना को कबूल कर लिया।
पुलिस ने गुरुवार की अल सुबह पवनगिरी की निशानदेही पर रोहटा के जंगल में कुटी रासना संपर्क मार्ग पर एक गन्ने के खेत में 4 फुट गहरे गड्ढे की खुदाई कर मनोज शर्मा के सड़े गले शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल भेज दिया। अभी दो आरोपी हर्ष गिरी व गोलू जाट पुलिस की पकड़ से दूर है।
पवन गिरी ने बताया है कि ड्यूटी से वापस लौटते समय मनोज शर्मा को मोबाइल पर कॉल कर रोहटा स्थित भूरे के धाबे पर तीनो दोस्तों ने दावत करने के लिए बुला लिया था। पहले सभी ने मिलकर शराब पी और फिर खाना खा रहे थे, तो उसी बीच हर्ष गिरी की प्लेट से मनोज शर्मा ने एक मीट का टुकड़ा उठाकर खा लिया। यह बात मनोज शर्मा को नागवार गुजरी और विरोध किया तो इस बात को लेकर हर्ष गिरी व मनोज शर्मा के बीच गाली गलौज हो गई।
उसके बाद हर्ष गिरी ने मनोज को अधिक शराब पिला दी। और जब वह नशे में धुत हो गया तो उसे बाइक पर लेकर गांव में चलने की बात कह वहा से चल दिए। और गांव न जाकर बाइक चला रहे हर्ष ने बाइक को रोहटा से कुटी रसना जाने वाले रास्ते पर मोड़ दी। कुछ दूर जंगल में चलने पर बाइक रोक दी और बोतल में बची अवशेष शराब को पीने लगे। शराब पीते समय पुन मनोज शर्मा व हर्ष के बीच हॉट टाक हो गई और जब वह नशे में जमीन पर लेट गया तो तीनों ने मिलकर मनोज शर्मा के गमछे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या करने के बाद गांव गए और गांव से फावड़ा लेकर आए और रास्ते से कुछ दूर एक ईख के खेत में 4 फुट गहरा गड्ढा कर शव को दबा दिया। और घर चले गए अगले दिन बरसात हो गई तो कोई गड्ढा करने का भी आभास किसानों को वहां पर नहीं हुआ हत्या करने के बाद तीनो दोस्त गांव से ओझल हो गए पवन गिरी 4 दिन बाद गांव से हिमाचल में जाकर अपने भाई के पास रहने लगा पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। वहीं अभी दो हत्यारोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
मनोज शर्मा के घर पर मौत की सूचना मिलने से कोहराम मचा है। उसकी पत्नी रेखा व पुत्री अन्यन 7 वर्ष व पुत्र प्रियांशु 4 वर्ष का रो-रो कर बुरा हाल है।

