शाजापुर - मौलिक कर्तव्य एवं अधिकार विषय पर जागरूक कार्यक्रम आयोजित
शाजापुर। स्थानीय दुपाड़ा रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में नालसा बच्चों को मेत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके सरंक्षण के लिए विधिक सेवा योजना के अंतर्गत शिक्षा के अधिकार एवं मौलिक कर्तव्य और अनुशासन, विधिक ज्ञान के बारे में जानकारी देने हेतु विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन मंगलवार को किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ललित किशोर के निर्देशन में आयोजित शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डॉ स्वाति चौहान ने छात्र-छात्राओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, पोक्सो एक्ट 2012, बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम, महिला सुरक्षा संबंधित अधिनियम, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल संरक्षण अधिनियम एवं प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे नि:शुल्क विधिक सेवा योजना की जानकारी विस्तार पूर्वक दी। वहीं जिला न्यायाधीश राजेन्द देवड़ा द्वारा छात्र-छात्राओं के मध्य मित्रवत व्यवहार करते हुए बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के प्रति शिक्षा एवं मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही कहा कि सर्वप्रथम आप अपने जीवन का लक्ष्य तय करें एवं लक्ष्य तय करने के पश्चात लक्ष्य की ओर जाने वाले मार्ग को देखें तथा यह सुनिश्चित करें कि आपके लक्ष्य से कोई भी दूसरी वस्तु अधिक महत्वपूर्ण नहीं हो सकती। अपने लक्ष्य को लेकर मन में किसी भी प्रकार का संशय ना रखें हमेशा ऐसा लक्ष्य बनाएं जो स्पष्ट एवं दूरगामी परिणाम देने वाला हो एवं लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण एकाग्रता एवं स्थिर चित्त से जुट जाएं। इसके अतिरिक्त भारत के संविधान में नागरिकों के मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का पालन भी करना चाहिए। न्यायाधीश ने कहा कि अपराधों से दूर रहें, क्योंकि अपराध में लिप्त व्यक्ति का जीवन अंधकार में हो जाता है और न्यायालय से लेकर जेल तक की प्रक्रिया समझाते हुए इसके दुष्परिणामों से अवगत कराया। साथ ही उत्तराधिकार अधिनियम, वसीयत, महिलाओं का संपत्ति में अधिकार अधिनियम, सायबर क्राईम, पोक्सों एक्ट के बारे में बताया। इस अवसर पर प्रशिक्षु न्यायाधीश धीरज आर्य, जिला विधिक सहातया अधिकारी फारूक अहमद सिद्दीकी, विद्यालय प्राचार्य सुरेंद्र जोशी सहित विद्यार्थी उपस्थित थे।

