Indian Railways and Indigo: रेल यात्रियों पर आने वाली है बड़ी मुसीबत! इंडिगो के बाद रेलवे के लोको पायलट ने भी कर दी यह मांग
क्या रेलवे के लोको पायलट भी इंडिगो की राह पर चलने वाले हैं? दरअसल उन्होंने सरकार से कुछ मांग रखी हैं। ये मांगे इंडिगो विवाद के बाद आई हैं।
लोको पायलट की मांग
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के लोको पायलट (ट्रेन चलाने वाले ड्राइवर) अपनी ड्यूटी के घंटों को सीमित करने की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि थकान से बचने और रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऐसा किया जाए। उन्होंने यह मांग भारत की सबसे बड़ी AIRLINE INDIGO में हुए संकट के बाद एयरलाइन पायलटों के लिए सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का हवाला देते हुए की है।
ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ( AILRSA ) ने केंद्र सरकार के इंडिगो मामले पर रुख की आलोचना की है। एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि सरकार का रवैया बहुत नरम है, जबकि सरकारी कर्मचारियों के मामले में अलग रणनीति अपनाई जाती है। अगर लोको पायलट अपनी मांग पर अड़ जाते हैं तो इसका असर ट्रेनों पर दिखाई दे सकता है। ऐसा होने पर रेल यात्रियों को भी बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता
एसोसिएशन ने लगाए ये आरोप
एसोसिएशन के अनुसार, किसी भी सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग में जब भी कोई कर्मचारी आंदोलन करता है, तो उस पर अक्सर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है, आरोप पत्र दिए जाते हैं या उसे दबाया जाता है। ऐसा करते समय सभी तरह के काले नियमों का इस्तेमाल किया जाता है और इसे हराया जाता है। AILRSA ने कहा, लेकिन जब बड़ी निजी कंपनियां सुरक्षा नियमों का विरोध करती हैं, तो सरकार उनके आगे झुक जाती है, भले ही इससे सिस्टम की सुरक्षा खतरे में पड़ जाए।
इंडिगो के कारण पैदा हुआ बड़ा संकट
इंडिगो द्वारा पायलटों के आराम के घंटों को लेकर सरकारी नियमों का पालन न करने से घरेलू विमानन उद्योग में बड़ी समस्याएं पैदा हुईं। नागरिक उड्डयन नियामक की चिंताएं इंडिगो की थकान जोखिम प्रबंधन प्रणाली (Fatigue Risk Management System - FRMS) को लागू करने में असमर्थता और नवंबर से लागू हुए संशोधित उड़ान ड्यूटी समय सीमा (FDTL) के कारण हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि विमानन क्षेत्र की यह समस्या रेलवे के लोको पायलटों द्वारा लंबे समय से सामना की जा रही समस्याओं से काफी मिलती-जुलती है। AILRSA ने कहा कि दशकों से रेलवे के कर्मचारी एक वैज्ञानिक तरीके से काम करने वाले माहौल की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि थकान से जुड़े जोखिमों के नियम दुनिया भर में दशकों के शोध और सुरक्षा विफलताओं के बाद बने हैं।
यूरोपीय संघ का दिया उदाहरण
एसोसिएशन ने बताया कि यूरोपीय संघ (ईयू) के रेलवे सख्त संचयी ड्यूटी और आराम की सीमा का पालन करते हैं।
- अमेरिकी रेलवे आवर्स ऑफ सर्विस एक्ट (Hours of Service Act) के तहत काम करते हैं, जिसमें अनिवार्य रूप से ऑफ-ड्यूटी आराम का प्रावधान है।
- ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में कर्मचारियों के ड्यूटी शेड्यूल को डिजाइन करने के लिए उन्नत बायो-मैथमेटिकल मॉडल का उपयोग किया जाता है।
एसोसिएशन ने की ये मांग
- एसोसिएशन ने लोको पायलटों के लिए तुरंत FRMS-आधारित कार्य प्रणाली अपनाने की मांग की है, जिसमें दैनिक ड्यूटी की सीमा छह घंटे हो।
- उन्होंने हर ड्यूटी के बाद 16 घंटे के निश्चित आराम की अवधि और दैनिक आराम के अलावा साप्ताहिक आराम की भी मांग की है।
इंडिगो का संकट जारी
इंडिगो एयरलाइन का संकट आज मंगलवार को 8वें दिन भी जारी है। आज अभी तक देशभर में इंडिगो की 200 से ज्यादा FLIGHT CANCEL हो चुकी हैं। पिछले कुछ दिनों में कैंसिल होने वाली फ्लाइट की संख्या 2000 से ज्यादा हो गई है। हालांकि सरकार के हस्तक्षेप के बाद हालात कुछ सुधरते नजर आ रहे हैं। वहीं इंडिगो का कहना है कि 10 दिसंबर तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।

