उत्तर प्रदेश अमरोहा : बसपा से सांसद दानिश अली को BSP पार्टी ने किया सस्पेंड, पार्टी विरोधी गतिविधियों का दिया हवाला।

दानिश अली ने कहा कि पूंजीपतियों द्वारा जनता के पैसे की लूट की मैंने आवाज उठाई है और आगे भी उठाता रहूंगा। अगर ऐसा करना जुर्म है तो मैंने जुर्म किया है और मैं इसकी सजा भुगतने के लिए तैयार हूं।

उत्तर प्रदेश अमरोहा : बसपा से सांसद दानिश अली को BSP पार्टी ने किया सस्पेंड, पार्टी विरोधी गतिविधियों का दिया हवाला।

उत्तर प्रदेश अमरोहा : बहुजन समाज पार्टी (BSP) से पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सस्पेंड किए जाने पर सांसद दानिश अली ने शनिवार को कहा कि उन्होंने बीजेपी की जन-विरोधी नीतियों का हमेशा विरोध किया है और आगे भी करते रहेंगे। अगर ऐसा करना जुर्म है तो सजा भुगतने के लिए तैयार हैं। दानिश अली को बसपा से शनिवार को सस्पेंड कर दिया गया। बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने एक पत्र के जरिए दानिश अली को सस्पेंड किए जाने की जानकारी दी। दानिश अली को संबोधित लेटर में कहा गया है कि आपको अनेकों बार मौखिक रूप से कहा गया कि आप पार्टी की नीतियों, विचारधारा एवं अनुशासन के विरूद्ध जाकर कोई भी बयानबाजी या कृत्य आदि नहीं करें, परंतु इसके बाद भी आप लगातार पार्टी के खिलाफ जाकर कृत्य करते आ रहे हैं।

बसपा से सस्पेंड होने के बाद दानिश अली ने कहा कि बहन मायावती जी का मैं हमेशा शुक्रगुजार रहूंगा कि उन्होंने मुझे बसपा का टिकट देकर लोकसभा का सदस्य बनने में मेरी मदद की। उन्होंने मुझे लोकसभा में बसपा का नेता भी बनाया। उनका हमेशा ही समर्थन मिला है। आज का फैसला जरूर दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने पूरी मेहनत और लगन के साथ बसपा को मजबूत करने का प्रयास किया और कभी भी पार्टी विरोधी काम नहीं किया। इसकी गवाह अमरोहा की जनता है। उन्होंने आगे कहा, ''मैंने बीजेपी की जन-विरोधी नीतियों का विरोध जरूर किया और आगे भी करता रहूंगा। पूंजीपतियों द्वारा जनता के पैसे की लूट की मैंने आवाज उठाई है और आगे भी उठाता रहूंगा। अगर ऐसा करना जुर्म है तो मैंने जुर्म किया है और मैं इसकी सजा भुगतने के लिए तैयार हूं। अमरोहा की जनता को आश्वासन देना चाहता हूं कि आपकी सेवा में हमेशा हाजिर रहूंगा।''   

दानिश अली के खिलाफ यह कार्रवाई अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से चंद महीने पहले की गई है। अली पिछले लोकसभा चुनाव से पहले जेडीएस से बसपा में आए थे। बाद में उन्हें अमरोहा से टिकट दिया गया और उनकी जीत हुई। दानिश अली को बसपा से सस्पेंड किए जाने को लेकर लिखे गए पत्र में कहा गया है कि आपको यह भी अवगत कराना उचित होगा कि कर्नाटक में सन 2018 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी और जनता दल (एस) के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा गया था, और आप इस गठबंधन में श्री देवगौड़ा जी की पार्टी की तरफ से काफी सक्रिय रहे थे। 

मिश्र ने पत्र में कहा, ''कर्नाटक के उक्त चुनाव के नतीजों के आने के बाद श्री देवगौड़ा जी के अनुरोध पर आपको अमरोहा से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में टिकट दिया गया, टिकट दिए जाने के पूर्व श्री देवगौड़ा जी ने यह आश्वासन दिया था कि आप बहुजन समाज पार्टी का टिकट मिलने के उपरान्त पार्टी की सभी नीतियों एवं निर्देशों का सदैव पालन करेंगे तथा पार्टी हित में काम करेंगे।'' उन्होंने कहा, ''इस आश्वासन को आपने भी उनके समक्ष दोहराया था। इसी आश्वासन के बाद ही आपको बसपा की सदस्यता ग्रहण करायी गयी थी और अमरोहा से चुनाव लड़ा कर लोकसभा में भेजा गया। लेकिन, अपने दिए गये आश्वासनों को भूल कर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं।'' पत्र में कहा गया, ''अत: पार्टी के हित में आपको बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।''