उत्तर प्रदेश : फ़र्ज़ी प्रमाणपत्र मामले में आज़म खा, अब्दुल्ला आज़म, तंज़ीम फ़ातिमा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत।

Allahabad High Court.

उत्तर प्रदेश : फ़र्ज़ी प्रमाणपत्र मामले में आज़म खा, अब्दुल्ला आज़म, तंज़ीम फ़ातिमा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत।

न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए यह आदेश पारित किया। तीनों की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया था कि रामपुर अदालत में फर्जी जन्मतिथि प्रमाण पत्र मामले में मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। उन्हें कुछ और पेश करने की अनुमति दी जाए।

फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में सपा नेता आजम खां, पत्नी तंजीम फातिमा और बेटा अब्दुल्ला खां को हाईकोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मुकदमे की कार्यवाही रामपुर अदालत में चलेगी लेकिन वर्तमान याचिका के निर्णय तक निचली अदालत अंतिम आदेश नहीं सुनाएगी।

न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए यह आदेश पारित किया। तीनों की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया था कि रामपुर अदालत में फर्जी जन्मतिथि प्रमाण पत्र मामले में मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। उन्हें कुछ और पेश करने की अनुमति दी जाए।


मामले में आजम खां, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला के खिलाफ रामपुर जिला अदालत में मुकदमे की कार्यवाही चल रही है। आरोप है कि अब्दुल्ला ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए फर्जी जन्मतिथि हासिल की।

याचिका में तीनों ने अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें ट्रायल कोर्ट के समक्ष साक्ष्य के रूप में एक पेन ड्राइव और वीडियो क्लिप पेश करने की अनुमति दी जाए। आवेदकों के अनुसार इस मामले का मुख्य गवाह मोहम्मद शफीक मामले के सूचक आकाश सक्सेना का करीबी है। इस तथ्य को साबित करने के लिए उन्होंने ट्रायल कोर्ट के समक्ष एक पेन ड्राइव और वीडियो क्लिप पेश करने की अनुमति मांगी। याचिका का विरोध करते हुए राज्य के वकीलों ने तर्क दिया कि यह आवेदकों की ओर से मुकदमे की कार्यवाही को विलंबित करने का एक प्रयास मात्र है।